बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन को शनिवार को Lesley Ho Asian Film Talent Award से नवाज़ा गया। सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में नवाजुद्दीन को ये अवॉर्ड दिया गया। ये अवॉर्ड नवाजुद्दीन को उनकी वेब सीरीज सेक्रेट गेम्स में बेहतरीन एक्टिंग के लिए दिया गया। इस फेस्टिवल में नवाजुद्दीन डायरेक्टर अनुराग कश्यप के साथ शामिल हुए।
स्टार, सुपरस्टार, मेगास्टार पर नहीं है यकीन – नवाजुद्दीन सिद्दीकी
नवाजुद्दीन ने सरफरोश, शूल और मुन्नाभाई एमबीबीएस जैसी फिल्मों में छोटे-मोटे किरदारों से अपने करियर की शुरुआत की थी। खुद को साबित करने और अपने मन-मुताबिक किरदार पाने के लिए उन्हें 12 साल संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ा।
ये अनुराग कश्यप की फिल्म गैंगस ऑफ वासेपुर थी। जिसने उनकी तकदीर बदलकर रख दी और तब से अब तक बदलापुर, रईस, रमन राघव 2.0, ठाकरे, मंटो और सेक्रेड जैसी कई फिल्मों में उन्होनें अपने अभिनय का लोहा मनवाया।
आज नवाजुद्दीन सिद्दीकी के कई प्रशंसक हैं, लेकिन इसके बावजूद वो खुद को स्टार की श्रेणी में रखना नहीं पसंद करते हैं।
उन्होनें आईएएनएस को बताया, मुझे खुद को स्टार कहना नापसंद है। मैं ऐसे तमगों में यकीन नहीं रखता हूं। स्टार, सुपरस्टार या मेगास्टार के रूप में पहचाने जाने के बाद इंडस्ट्री में कलाकारों को रूढ़िबद्ध किया जाता है और उन्हें एक ही जैसा काम करने को दिया जाता है।
नवाजुद्दीन ने आगे कहा, सच्चा कलाकार वही होता है जो भिन्न किरदारों को निभाते है, लेकिन अगर आप स्टार श्रेणी में फंस जाते हैं, तो आप सीमाबद्ध होकर रह जाते हैं। स्टार और सुपरस्टार जैसी चीजें महज विपण्न रणनीतियां है, इसलिए मुझे खुद को स्टार कहलवाना पसंद नहीं।नवाजुद्दीन का ये भी मानना है कि स्टार का ये तमगा एक कलाकार के विकास को रोक देता है।
उन्होनें इस बारे में कहा, मैं कंफर्ट जोन में फंसकर नहीं रहना चाहता। एक कलाकार के लिए ये बेहद जरूरी है कि वो अपने कंफर्ट जोन से परे जाकर कुछ करे। मैं बहुमुखी बनना चाहता हूं। अगर मैं खुद को एक स्टार समझने लगूं तो मुझमें घमंड आ सकता है और ये मेरे कौशल व विकास को बाधित कर सकता हैं।
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