आज देश में यूपीआई(UPI) से पैसे भेजने और पेमेंट करने का सबसे आसान तरीका बन चुका है। ऐसे में UPI चार्ज को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। 15 अक्टूबर 2026 से कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर नया Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI पेमेंट पर ग्राहकों से फीस ली जाएगी।
इन 7 ट्रांजेक्शन पर नहीं लगेगा MDR
1. एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजना
दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के अन्य सदस्यों को UPI से पैसे भेजने वाले P2P ट्रांजेक्शन पूरी तरह MDR से बाहर रहेंगे। रकम कितनी भी हो, भेजने या प्राप्त करने पर ग्राहक से MDR नहीं लिया जाएगा।
2. ₹2,000 तक का मर्चेंट पेमेंट
दुकानदार या कारोबारी को ₹2,000 तक UPI पेमेंट करने पर MDR नहीं लगेगा। सरकार के अनुसार करीब 96% P2M ट्रांजेक्शन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।
3. छोटे दुकानदारों को मिलने वाला पेमेंट
P2PM कैटेगरी के छोटे व्यापारी, जो UPI QR के जरिए महीने में ₹1 लाख तक प्राप्त करते हैं, उनके लिए जीरो MDR की व्यवस्था जारी रहेगी।
4. UPI AutoPay
OTT सब्सक्रिप्शन और अन्य नियमित भुगतानों के लिए इस्तेमाल होने वाले पात्र UPI AutoPay ट्रांजेक्शन पर नया MDR लागू नहीं होगा।
5. जरूरी सेवाओं में ₹2,000 तक के पेमेंट
रेलवे टिकट, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि से जुड़ी कुछ जरूरी सेवाओं में ₹2,000 तक के पात्र UPI पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा। यानी इन सेवाओं के लिए ₹2,000 तक UPI से भुगतान करने पर इस नए MDR का असर नहीं होगा। हालांकि, ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर संबंधित कैटेगरी के अनुसार अलग MDR या शुल्क व्यवस्था लागू हो सकती है।
6. छोटी सामान्य खरीदारी
सामान्य मर्चेंट को ₹2,000 तक का UPI पेमेंट करने पर MDR नहीं लगेगा। यानी रोजमर्रा की छोटी खरीदारी करने वालों पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं होगा।
7. UPI से पैसे प्राप्त करना
किसी व्यक्ति से अपने बैंक खाते में UPI के जरिए पैसे प्राप्त करने पर भी ग्राहक को MDR नहीं देना होगा। P2P ट्रांजेक्शन पूरी तरह फ्री रहेंगे।
MDR और ग्राहक शुल्क अलग हैं
सबसे जरूरी बात यह है कि MDR मुख्य रूप से मर्चेंट और पेमेंट इकोसिस्टम के बीच लागू शुल्क है। 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के पात्र P2M ट्रांजेक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा, लेकिन यह शुल्क ग्राहक पर डालने के लिए नहीं है। सरकार ने बैंकों और संबंधित संस्थाओं को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ग्राहक से अलग से UPI शुल्क न वसूला जाए।
इसलिए आम UPI यूजर्स के लिए P2P ट्रांजेक्शन और ₹2,000 तक के अधिकांश मर्चेंट पेमेंट पहले की तरह बिना MDR के जारी रहेंगे।