BRICS 2026 का शिखर सम्मेलन भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के प्रमुख नेता और कई विदेशी मेहमान शामिल होंगे।
कौन-कौन विदेशी मेहमान पहुंचेंगे भारत?
BRICS 2026 में प्रमुख विदेशी मेहमानों में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल हैं। UAE का प्रतिनिधित्व क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान करेंगे।
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान भी सम्मेलन में शामिल होंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अतिथियों में हैं।
भारत-रूस संबंधों पर भी रहेगी नजर
सम्मेलन के दौरान भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रणनीतिक सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत हो सकती है।
इस बार का BRICS Summit क्यों है खास?
बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच BRICS का यह सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, तकनीक और वैश्विक चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन?
भारत की मेजबानी में होने वाला BRICS 2026 सम्मेलन देश को वैश्विक मंच पर अपनी प्राथमिकताओं और दृष्टिकोण को सामने रखने का अवसर देगा। साथ ही, BRICS देशों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर रह सकता है।
12 और 13 सितंबर को होगी अहम बैठक
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकें और द्विपक्षीय वार्ताएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में BRICS 2026 के नतीजों और प्रमुख घोषणाओं पर भारत समेत पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका पर नजर
BRICS 2026 भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को प्रदर्शित करने का भी एक अहम अवसर है। सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं और संभावित समझौतों पर भारत समेत दुनियाभर की नजर रहेगी।