जिओ ने एक बड़ी बात कही है वो भी प्रधान मंत्री मोदी से जुडी हुई. रिलायंस जिओ ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) पर IUC चार्ज को लेकर इलज़ाम लगाया है. कंपनी का कहना है की आईयूसी की समीक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया की सोच के खिलाफ है.साथ ही IUC की पॉलिसी को गरीब विरोधी बताया है। दरअसल , पिछले कुछ दिनों से Reliance Jio और अन्य टेलिकॉम कंपनियों के बीच IUC को लेकर विवाद चल रहा है।
मुकेश अम्बानी ने TRAI पर साधा निशाना
आपको बता दें कि TRAI ने 1 जनवरी 2020 से एक ऑपरेटर के नेटवर्क से दूसरे ऑपरेटर के नेटवर्क पर कॉल किए जाने पर लगने वाले IUC को खत्म करने की घोषणा की थी, लेकिन अन्य टेलिकॉम कंपनियों ने TRAI से इसकी समयसीमा को बढ़ाने की अपील की है। Jio ने IUC खत्म करने की समयसीमा में किसी भी तरह की छेड़छाड़ को प्राधिकरण की मनमानी, टेक्नोलॉजी विरोधी और पूरी तरह से कमजोर करार दिया है। टेलिकॉम कंपनी प्राधिकरण पर निशाना साधते हुए कहा कि IUC पर TRAI का रवैया, नियामक की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। इसकी वजह से दूरसंचार क्षेत्र के निवेशकों का भरोसा, प्राधिकरण के प्रति डगमगा सकता है।
अब जिओ को टक्कर देगा बीएसएनएल, आएगा यह नया प्लान
साथ ही जियो ने कहा कि TRAI द्वारा इस पर परिचर्चा पत्र जारी करना इन आपरेटरों के निहित स्वार्थों को बचाने की कोशिश है. जियो ने कहा कि कुछ ऑपरेटरों के पास 2जी नेटवर्क से 4जी में अपग्रेड नहीं करने के कई बहाने हैं. ये ऑपरेटर 2जी ग्राहकों से वॉयस कॉलिंग का शुल्क वसूलते हैं जबकि जियो के 4जी नेटवर्क पर यह नि:शुल्क है. खराब क्वालिटी और ऊंची कीमतों के डेटा की वजह से 2जी ग्राहक डिजिटल सोसायटी का हिस्सा भी नहीं बन पा रहे हैं.
टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबर Youth Express पर.


