जैसा कि हम सभी जानते है कि पान भारत के इतिहास एवं परंपराओं से गहरे से जुड़ा है। वहीं, भारतीय संस्कृति में पान को हर तरह से शुभ माना जाता है। इसके अलावा पान का रोगों को दूर भगाने में भी बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। खाना खाने के बाद और मुँह का जायका बनाए रखने के लिए पान बहुत ही ज्यादा कारगर है। हम देखते है कि कई बीमारियों के उपचार में पान का इस्तेमाल भी लाभकारी सिद्ध होता है।
पाएं जाते है ये प्रोटीन तत्व
क्या आपको ये पता है कि हवन व पूजा-पाठ आदि में इस्तेमाल होने वाले पान के पत्तों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, टैनिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयोडीन व पोटेशियम जैसे मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। सर्दी-जुकाम में इनका उपयोग आयुर्वेदिक इलाज के रूप में किया जा सकता है। हल्दी का टुकड़ा सेंककर पान पत्ते में डालकर खाने से लाभ होगा। रात में तेज खांसी चलती हो तो पान के पत्ते में अजवाइन व मुलैठी का टुकड़ा डालकर खा सकते हैं।
कही गई है ये बात
जानकारी के लिए बता दें कि बच्चों को सर्दी-जुकाम हो तो एक पत्ते पर हल्का गर्म सरसों का तेल लगाकर बच्चों के सीने पर रखने से आराम मिलता है। 2-3 पत्तों के रस में शहद मिलाकर दिन में दो बार लेने से लाभ होगा। बच्चों को आधा चम्मच रस ही दें। हालांकि, चरक संहिता में बतौर माउथ फ्रेशनर इलायची, लौंग, जावित्री के साथ पान पत्ता खाना बताया गया है।