आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। फाइनल में भारत का सामना ईरान से हुआ, जहां मुकाबला आखिरी सीटी तक बेहद रोमांचक बना रहा। दोनों टीमों के बीच स्कोर का अंतर लगातार कम रहा, लेकिन निर्णायक पलों में भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा और 37-34 से जीत दर्ज की।
भारत का चौथा एशियन गेम्स गोल्ड
इस जीत के साथ भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में अपना चौथा गोल्ड मेडल हासिल किया। महिला कबड्डी को 2010 से एशियन गेम्स में शामिल किया गया है। भारत ने 2010 ग्वांगझू, 2014 इंचियोन और 2022 हांगझोउ में भी स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में भारत को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था।
शुरुआत से ही कांटे की टक्कर
ईरान के खिलाफ फाइनल में भारतीय टीम को आसान चुनौती नहीं मिली। मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर दबाव बनाए रखा। भारत ने रेडिंग और डिफेंस के जरिए अंक जुटाए, जबकि ईरान ने भी लगातार वापसी की कोशिश की। करीबी स्कोर के कारण मैच के हर चरण में दबाव बना रहा।
अंपायरिंग को लेकर भी हुई चर्चा
फाइनल के दौरान अंपायरिंग के कुछ फैसलों को लेकर सवाल उठे। एक मौके पर ईरानी डिफेंडर टैकल के दौरान मिडलाइन पार करता हुआ दिखाई दिया, लेकिन फैसला भारत के पक्ष में नहीं गया। ईरान के कुछ रफ टैकल को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों ने इन परिस्थितियों के बीच अपना संतुलन बनाए रखा।
आखिरी पलों में भारत ने बनाई बढ़त
मुकाबला जैसे-जैसे अंतिम मिनटों में पहुंचा, दबाव बढ़ता गया। इसी दौरान ईरान से कुछ अहम गलतियां हुईं। एक मौके पर ईरान की दो रेडर्स के एक साथ कोर्ट में प्रवेश करने से टीम को नुकसान हुआ। भारत ने इन मौकों का फायदा उठाया और जरूरी अंक हासिल करते हुए 37-34 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
2018 के बाद बदली कहानी
2018 जकार्ता में ईरान ने भारत को फाइनल में हराकर गोल्ड जीता था। इस बार दोनों टीमें फिर फाइनल में आमने-सामने थीं, लेकिन परिणाम भारत के पक्ष में रहा। 37-34 की जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने न केवल गोल्ड जीता, बल्कि एशियन गेम्स में अपना चौथा खिताब भी दर्ज किया।