भारत देश जहां बच्चो को भगवान् का रूप मना जाता है, जहां बच्चों की हर गलती माफ़ होती है, ऐसे देश भारत में बच्चो के लिए एक खास दिन बाल दिवस भी होता है. बाल दिवस 14 नवंबर को हर साल मनाया जाता है. इस दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru का जन्मदिन होता है, और इस खास दिन को Children’s Day के तौर पर मनाया जाता है. भारत की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले नेहरू का पूरा जीवन ही प्रेरणा से भरा रहा। देश में बाल दिवस बड़े ही उत्सव से मनाया जाता है. यहाँ हर स्कूल अपने यहाँ पढ़ रहे बच्चो को पिकनिक पे, टूर पे या फिर बच्चो को गिफ्ट देते है.
लेकिन क्या आपको पता है आखिर यह बालदिवस माने का चलन कबसे शुरू हुआ? तो चलिए आपको बता दे इस खास दिन के बारे में-
भारत में Children’s Day मानाने की शुरुवात
नेहरू जी को बच्चे बड़े ही प्रिय थे. बच्चे भी इन्हे प्यार से चाचा नेहरू कह कर पुकारते थे. लेकिन 27 मई 1964 को पंडित जवाहर लाल नेहरु के निधन के बाद बच्चों के प्रति उनके प्यार को देखते हुए सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि अब से हर साल 14 नवंबर को चाचा नेहरू के जन्मदिवस पर ‘बाल दिवस’ मनाया जाएगा और ‘बाल दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
साथ ही आपको Children’s Day के इतहास के बारे में बता दे की ‘बाल दिवस’ की नींव 1925 में रखी गई थी। जब बच्चों के कल्याण पर ‘World Conference’ में बाल दिवस मनाने की सर्वप्रथम घोषणा हुई थी, 1954 में दुनिया भर में इसे मान्यता मिली। 1954 में संयुक्त राष्ट्र ने 20 नवंबर को बाल दिवस के तौर पर मनाने का ऐलान किया था. पहले भारत में भी 20 नवम्बर को ही बाल दिवस मनाया जाता था लेकिन 1964 में नेहरू के निधन के बाद यह बदल दिया गया.
आपको बता दे आज भी बाल दिवस अलग अलग देश में अलग-अलग दिन मान्य जाता है. जैसे कई देश में 1 जून को, वही चीन में 4 अप्रैल को, पाकिस्तान में एक जुलाई को और अमेरिका में अगस्त के दूसरे संडे को. लेकिन international Children’s Day 20 नवंबर को मनाया जाता है.
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