सोमवार 13 दिसंबर के दिन पीएम नरेन्द्र मोदी वाराणसी पहुंचे। जहां उन्होंने काशी-विश्वनाथ धाम (कॉरिडोर) का उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया। आपको बता दें कि इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण पूरे भारत में लगभग सभी लोगो ने अपने मोबाइल एवं टेलीवीजन पर देखा। वहीं, पीएम मोदी सबसे पहले वाराणसी पहुंचकर बाबा काल भैरव के दर्शन करने गए। फिर इसके बाद उन्होंने गंगा स्नान किया। फिर पीएम ने काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा की पूजा-अर्चना की और शाम के समय पीएम गंगा आरती में भी शामिल हुए।
रणधीर सिंह ने चढ़ाया था 23 मन सोना
वहीं, पीएम ने काशी-विश्वनाथ धाम के काम से पंजाब को जोड़ने के लिए राजा रणजीत सिंह का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि राजा रणधीर सिंह ने बाबा विश्वनाथ मंदिर की आभा बढ़ाने के लिए यहां 23 मन सोना चढ़ाया था। यह सोना मंदिर के शिखर में जड़ा गया था।
काशी रही है महापुरूषों की कर्मभूमि
उन्होंने कहा कि गुरुनानक देव ने भी काशी आकर यहां सत्संग किया था। जहां सिख धर्म के अन्य गुरुओं का भी काशी से रिश्ता रहा है। कहा कि पंजाब के लोगों ने काशी-विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए दिल खुलकर दान दिया था। कहा रानी लक्ष्मीबाई से चंद्रशेखर आजाद तक कितने ही महापुरुषों की कर्मभूमि काशी रही है।
अहिल्याबाई होलकर ने कराया था पुनर्निर्माण
काशी अनंत है। काशी का योगदान अनंत है। यह अनंत परम्पराओं की विरासत है। उन्होंने कहा कि पूरब-उत्तर को जोड़ती हुई यूपी में स्थित काशी में विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण महारानी अहित्याबाई होलकर ने कराया था। जो महाराष्ट्र की रहने वाली थीं। ढाई साल पहले उन्होंने इतना कुछ कराया था। तबके बाद अब जाकर काम हुआ है।
काशी में है महादेव की सरकार
पीएम ने कहा कि काशी तो अविनाशी है। काशी में एक ही सरकार है, जिनके हाथों में डमरू है। यहां महादेव की सरकार है। कहा कि जहां गंगा अपनी धारा बदलकर बहती हो उस काशी को भला कौन रोक सकता है। काशी खंड में भगवान शिव ने खुद कहा है कि बिना मेरी प्रसन्नता के काशी में कौन आ सकता है, कौन इसका सेवन कर सकता है। काशी में महादेव की कृपा के बिना न कोई आता है, और न ही कुछ होता है। यहां जो भी होता है महादेव की इच्छा से होता है। जो भी हुआ महादेव ने ही किया है।
