AI Impact Summit 2026 में भारत की तकनीकी क्षमता और रणनीतिक दृष्टि का वैश्विक मंच पर जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। समिट के दौरान OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भारत की “सॉवरेन AI” पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत जिस तरह अपनी तकनीकी संप्रभुता और वैश्विक सहयोग के बीच संतुलन बना रहा है, वह बेहद प्रेरणादायक है।
सॉवरेन AI पर भारत की स्पष्ट रणनीति
India AI Impact Summit 2026 का मुख्य फोकस “Sovereign AI” यानी ऐसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर रहा, जो देश की डेटा सुरक्षा, नीतिगत प्राथमिकताओं और सामाजिक जरूरतों के अनुरूप विकसित हो। भारत ने इस दिशा में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत डेटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क और स्टार्टअप इकोसिस्टम के जरिए एक ठोस आधार तैयार किया है।
सैम ऑल्टमैन ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सिर्फ AI को अपनाने वाला देश नहीं है, बल्कि वह AI के विकास और उपयोग के वैश्विक मानकों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। उन्होंने भारतीय डेवलपर्स, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स की नवाचार क्षमता की भी सराहना की।
स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए नए अवसर
समिट में कई नई साझेदारियों और पहलों की घोषणा की गई, जिनका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स और MSMEs को AI टूल्स, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक नेटवर्क से जोड़ना है। AI Impact Summit 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत AI को सिर्फ टेक्नोलॉजी के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के इंजन के रूप में देख रहा है।
जिम्मेदार और समावेशी AI पर जोर
समिट में “Responsible AI” और “Inclusive AI” जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। डेटा गोपनीयता, एल्गोरिदमिक पारदर्शिता और नैतिक मानकों को लेकर भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।
AI Impact Summit 2026 ने यह संदेश दिया कि भारत AI क्रांति में सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि संभावित नेतृत्वकर्ता है। सॉवरेन AI के क्षेत्र में भारत की पहल ने वैश्विक टेक नेतृत्व का ध्यान आकर्षित किया है। आने वाले वर्षों में यह रणनीति भारत को AI महाशक्ति बनने की दिशा में और मजबूत करेगी।