गुरूवार के दिन टोक्यो ओलंपिक में भारत का दिन अच्छा बीता। जहां भारत के पास करीब दो मेडल आए। वहीं, भारतीय पहलवान रवि दहिया ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने से भी चूक गए और उन्हें कुश्ती प्रतियोगिता के पुरुषों के 57 किग्रा भार वर्ग में रूसी ओलंपिक समिति के जावुर युवुगेव से परास्त हो गए और वह केवल सिल्वर मेडल ही जीत पाए।
दूसरे राउंड में रवि जुटा पाए केवल 2 अंक
आपको बता दें कि युवुगेव ने शुरुआत में अंक हासिल किया लेकिन रवि ने जल्द ही स्कोर 2-2 पर ला दिया। वहीं, रूसी खिलाड़ी ने फिर से बढ़त हासिल कर ली। हालांकि, रवि पहले राउंड के बाद 2-4 से पीछे हो गए थे। जहां दूसरे राउंड में भी युवुगेव ने एक अंक बनाकर अपनी बढ़त मजबूत की। जहां रवि दूसरे राउंड में भी केवल दो अंक ही जुटा सके।
इससे पहले सन् 2012 में आया था मेडल
वहीं, कुश्ती में भारत के पास यह दूसरा रजत पदक आया है। दरअसल, इससे पहले सुशील कुमार लंदन ओलंपिक 2012 के फाइनल में पहुंचे थे लेकिन उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा था। वहीं, अबकी टोक्यो ओलंपिक में भारत ने अपना दूसरा रजत पदक आया है। आपको बता दें कि इससे पहले भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा भार वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
कुश्ती में इन्होंने दिलाया था पहला मेडल
क्या आपको ये पता है कि भारत को कुश्ती में पदक दिलाने वाले पहले पहलवान जाधव थे। उन्होंने हेलसिंकी ओलंपिक 1952 में कांस्य पदक अपने नाम किया था। फिर उसके बाद सुशील ने बीजिंग में कांस्य और लंदन में रजत पदक अपने नाम किया।
खास बात
आपको बता दे कि टोक्यो ओलंपिक में अब तक का सभी खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। जिससे आगे भी उम्मीद लगाई जा रही है कि कोई खिलाड़ी ऐसा प्रदर्शन दिखाए कि भारत के खाते में गोल्ड मेडल आए।


