चेहरे को निखारने के लिए हम कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट यूज करते हैं। वैसे तो कई तरीकों से अपने चेहरे को निखारने की कोशिश करते हैं। उनमें से एक फेशियल भी है। फेशियल करने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोग घर पर बनी सामग्री से भी फेशियल करते हैं। जो फेशियल मार्केट से खरीदी हुई क्रीम के द्वारा किया जाता है। उस में यूज होने वाले प्रोडक्ट्स में अधिक मात्रा में केमिकल्स होते हैं। जो हमारे चेहरे को नुक्सान पहुंचाते हैं ज्यादा फेशियल करवाने से चेहरे का निखार बढ़ने के बजाय कम होने लगता है।
फेशियल करवाने के बाद कई लोगों को इरिटेशन की समस्या हो सकती है। कई बार तो फेशियल के साइड इफेक्ट इतने ज्यादा हो जाते हैं कि चेहरे पर दाग धब्बे उभर कर आ जाते हैं या फिर दाने भी निकल आते हैं। हमारी त्वचा पर प्रकृति तौर पर कोमलता होती है। जो फेशियल करवाने से एकदम खत्म हो जाती है। लगातार फेशियल कराने की वजह से त्वचा की बाहरी परत को नुकसान पहुंचता है। जिससे चेहरे से जोड़ी समस्याएं होना शुरू हो जाती हैं।
फेशियल कराने की वजह से होने वाले स्क्रबिंग के साइड इफेक्ट
ज्यादातर लोग चेहरे से गंदगी और डेड सेल्स निकालने के लिए स्क्रब का प्रयोग करते हैं। जिससे हमारे चेहरे की डलनेस से दूर हो जाती है। लेकिन हफ्ते में दो बार से ज्यादा स्क्रबिंग से हमारे चेहरे पर डलनेस रेडनेस या फिर चेहरे से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं। धूप से आने के बाद भी चेहरे पर स्क्रब नहीं करना चाहिए क्योंकि धूप से आने के बाद चेहरे के पोर्स खुल जाते हैं। जिससे त्वचा के छीलने का डर रहता है।
फेशियल कराने के बाद चेहरे का पीएच बैलेंस
पीएच का पूरा मतलब होता है- पावर ऑफ हाइड्रोजन मतलब की हाइड्रोजन की शक्ति पीएच बैलेंस हमारी त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए मददगार होता है। अगर चेहरे की त्वचा का पीएच बैलेंस संतुलित होता है तो चेहरे की नमी बनी रहती है। यदि हम नियमित रूप से चेहरे पर फेशियल करवाते हैं। दो हम अपनी त्वचा की प्रकृति नमी खो सकते हैं। जिसके कारण से त्वचा का पीएच बैलेंस बिगड़ सकता है।

