साल 2020 में फ़िल्म इंडस्ट्री के कई मशहूर एक्टर्स ने दुनिया को अलविदा कहा है। बॉलीवुड में 80 के दशक के कॉमेडी किंग कहे जाने वाले जगदीप ने भी 8 जुलाई को अपनी आखें हमेशा के लिए बंद कर ली। इनके जाने पर फ़िल्म इंडस्ट्री में शोक मनाया जा रहा है।
कॉमेडी किंग जगदीप की काबिलियत पर अमिताभ बच्चन ने क्या कहा
अपको बता दें कि अपने साठ साल के करियर में जगदीप ने कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया है। अमिताभ बच्चन के साथ भी उन्हें कई शानदार फिल्मों में देखा गया है। बिग बी ने जगदीप को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा कि, ‘बीती रात हमने एक और नगीना खो दिया। जगदीप… कॉमेडी में अद्भुत काबिलियत रखने वाले, गुज़र गये। अदाकारी का उनका विलक्षण अंदाज़ था। मुझे कई फ़िल्मों में उनके साथ काम करने का सम्मान हासिल हुआ।’ दर्शकों की नज़रों में जो प्रमुख हैं, उनमें शोले और शहंशाह शामिल हैं। अमिताभ आगे लिखते हैं कि, ‘जगदीप एक विनम्र शख़्सियत थे, जिन्हें लाखों लोगों का प्यार मिला। मेरी दुआएं और प्रार्थनाएं उनके लिए।’
अपको बताएं कि जगदीप का असली नाम सैयद इश्तियाक जाफरी था। इस बारे में अमिताभ लिखते हैं कि ‘जगदीप, स्क्रीन नाम अपनाना बेहद गरिमाशाली बात थी, जो इस देश की विभिन्नता में एकता की भावना को ज़ाहिर करता है। उस दौर में कई लोगों ने ऐसा किया था… विशेष शख़्सियत दिलीप कुमार, मधुबाला, मीना कुमारी, जयंत (अमजद ख़ान के पिता) और भी बहुत सारे…’
1988 में जगदीप की डायरेक्टोरियल फ़िल्म ‘सूरमा भोपामी’ में गेस्ट अपीयरेंस के रूप में देखा गया था। जगदीप ने अपने करियर में 400 से ज़्यादा फ़िल्में कीं। उन्होंने बीआर चोपड़ा की फ़िल्म अफसाना से बतौर बाल कलाकार करियर शुरू किया था। इनमेें दो बीघा ज़मीन, आर पार, खिलौना और तीन बहूरानियां जैसी फ़िल्में शामिल हैं।
जॉनी वॉकर जैसे कॉमिक आइकन्स के बाद आता है इनका नाम
दिलचस्प बात यह है कि सिनेमा के कॉमिक आइकन्स की परंपरा में जॉनी वॉकर और महमूद के बाद जगदीप का नाम आता है। इन्होंने
नब्बे के दशक में भी अंदाज़ अपना अपना जैसी फ़िल्मों में बेहतरीन किरदार निभाये हैं।
