पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 सैनिकों की शहादत के बाद पूरा देश जवानों की याद में और पाकिस्तान से इस कुकर्म के बदले की आग में धधक उठा । देश के कोने कोने से आवाज आने लगी की हमारे देश के सैनिकों की हौसला अफजाई करने के लिए हमारे सत्ताधारी लोगों को कुछ कड़ा फैसला लेना ही चाहिए। जम्मू से लेकर कन्याकुमारी तक और गोवा से लेकर मिजोरम तक देश का कोई कोना नहीं बचा जहां पाकिस्तान से इस कुकर्म का बदला लेने की बात ना कहीं गई हो। ऐसा नहीं है की इस तरह की आतंकी हमले वाली घटना हमारे देश में पहली बार घटी हो , इस तरह की घटना कई बार घट चुकी है । मगर इस बार ऐसा क्या हुआ कि पूरा देश इस घटना के बाद धधक उठा।
अपने आप को राष्ट्रवादी या राष्ट्रहित की सरकार मानने वाली वर्तमान सरकार से लोगों की काफी उम्मीदें रहीं। पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन के बाद भारत सरकार ने यह भी दिखा दिया कि जो भी उम्मीद भारत की जनता ने वर्तमान सरकार से रखी थी उसे पूरा करना और उसे पूरा करने की इच्छा शक्ति वर्तमान सरकार के पास है। हमले के 12 दिन के बाद ग्वालियर से 12 विमान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की ओर जाकर आधे घंटे में आतंकवादियों के अड्डों पर जमकर गोला बारूद बरसाए और सूत्रों के अनुसार लगभग 300 से अधिक की संख्या में उन आतंकवादियों को मार गिराया और साथ ही भारत ने कूटनीतिक रवैया अपनाते हुए पाकिस्तान को पूरे विश्व में आतंकवादी राष्ट्र घोषित करने की कोई कसर नहीं छोड़ी।
यहां तक की जो चीन हर वक्त पाकिस्तान की तरफदारी में रहा करता था उसे भी अपने पांव खींच लेने पड़े जिसे भारत के राजनैतिक विशेषज्ञ बड़ी उपलब्धि बताते हैं। इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में तो जैसे खलबली सी मच गई। उनकी बौखलाहट की वजह यह भी थी कि पाकिस्तान के हुक्मरान और पाकिस्तानी मीडिया ने भारत को जो झूठा साबित करने की चाल चली थी उसे भी भारत ने विफल कर दिया। मजे की बात तो तब हुई जब भारत के ही तर्ज पर पाकिस्तान ने भी हवाई हमला करने की सोची। पाकिस्तान की f16 विमान भारत के सीमा में घुसने के फिराक में था जिसे भारत ने जवाबी कार्रवाई के तहत उसके विमान को उसी के क्षेत्र में खदेड़ कर मार गिराया जो पाकिस्तान के लिए काफी बड़ा चोट साबित हुआ।
भारत के लिए दुख की बात यह थी कि पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई में हमारा विमान क्रैश हो गया और हमारा जांबाज पायलट अभिनंदन पाकिस्तान के कब्जे में चला गया। इस घटना के बाद पाकिस्तान के सिपाहियों ने अपनी कायरता का परिचय देते हुए अभिनंदन के साथ दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पाकिस्तान की इस घिनौनी हरकत को पूरा विश्व में दुत्कारा और यूनाइटेड नेशन की ओर से पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी गई कि पाकिस्तान को भारत के विंग कमांडर अभिनंदन को तुरंत रिहा कर दे और यह भी चेताया की उसके साथ कोई दुर्व्यवहार ना हो।
पूरा भारत पाकिस्तान के इस कायराना हरकत पर और अभिनंदन के भारत वापसी की दुआएं कर रहा था। अंततः पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पूरे विश्व के दबाव की वजह से विंग कमांडर अभिनंदन को 1 मार्च 2019 को छोड़ ही देना पड़ा । इस स्थिति पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने खुद की ही पीठ थपथपाते हुए यह कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है मगर भारत का हर नागरिक यह बात समझ रहा है कि पाकिस्तान ने किन मजबूरियों के तहत अभिनंदन को भारत भेजा। भारत में अब खुशी का माहौल है, अब देखना यह है कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर आगे कौन सा फैसला लेता है ।
देश दुनिया से जुड़ी हुई और भी अच्छी ख़बरें अब सिर्फ Youth Express पर.

