भारतीय टीम ने इंग्लैंड को केनिंग्टन ओवल के मैदान में 157 रन से मात देकर इतिहास रच दिया। ओवल टेस्ट में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 157 रन से हराया। जीत के लिए जरूरी 368 रनों का पीछा करते हुए इंग्लिश टीम मैच के आखिरी दिन 210 रन पर ही सिमट गई। भारत के लिए जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा और शार्दुल ठाकुर ने कमाल की गेंदबाजी की और टीम को सीरीज में दूसरा टेस्ट जिताया। 1971 में ओवल में भारत को मिली जीत इंग्लैंड की धरती पर हमारी पहली जीत भी थी।
भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की अजेय बढ़त बनाई। इंग्लैंड ने पहले सत्र में 27 ओवर में दो विकेट गंवाकर 54 रन बनाए जबकि दूसरे सत्र में 25.1 ओवर में 62 रन पर छह विकेट गंवाए। उमेश यादव ने तीन तो बुमराह, शार्दुल ठाकुर, और रवींद्र जडेजा ने दो-दो विकेट चटकाए। आखिरी मुकाबला 10 सितंबर से मैनचेस्टर में खेला जाएगा। भारत ने 35 साल बाद इंग्लैंड में एक सीरीज में दो टेस्ट जीते हैं। आखिरी बार ऐसा 1986 में हुआ था तब कपिल देव कप्तान थे।
भारत की जीत के हीरो शार्दुल ठाकुर और रोहित शर्मा रहे। शार्दुल ने दोनों पारियों के दौरान अर्धशतक (57, 60) जड़े। साथ ही उन्होंने कुल चार विकेट भी निकाले। वहीं शर्मा जी ने दूसरी पारी के दौरान 127 रन बनाए। कप्तान विराट कोहली ने पहली पारी में 50 और दूसरी पारी में 44 रन बनाए. रिषभ पंत (50) ने दूसरी पारी के दौरान अर्धशतक जड़ा।
हमीद 55 रन के स्कोर पर भाग्यशाली रहे, डेविड मलान को हालांकि क्रीज पर जूझना पड़ रहा था और वह अंतत: पांच रन बनाकर रन आउट हो गए। हमीद ने जडेजा की गेंद को कवर में खेला और एक रन के लिए दौड़ पड़े। मलान के क्रीज पर पहुंचने से पहले ही पंत ने मयंक अग्रवाल के सटीक थ्रो पर स्टंप उखाड़ दिए। जडेजा ने दूसरे सत्र में भारत को शानदार शुरुआत दिलाई जब उन्होंने सत्र के तीसरे ओवर में ही हमीद को बोल्ड कर दिया। हमीद ने लेग स्टंप पर पिच हुई गेंद को छोड़ दिया जिसने टर्न लेते हुए उनका ऑफ स्टंप उखाड़ दिया। हमीद ने 193 गेंद की अपनी पारी में छह चौके जड़े।
रूट और क्रिस वोक्स ने इसके बाद 12 से अधिक ओवर तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी। कोहली ने 80 ओवर के बाद नई गेंद नहीं लेने का फैसला किया और पुरानी गेंद ठाकुर को थमा दी। स्पैल में वापसी कर रहे ठाकुर की पहली गेंद को ही रूट विकेट पर खेल गए। आखिरी में उमेश यादव ने क्रेग ऑवर्टन को बोल्ड और जेम्स एंडरसन को विकेट के पीछे ऋषभ पंत के हाथों कैच कर भारत को जीत दिला दी।

