जहां भारत में जनसँख्या इतनी तेजी से बढ़ रही है कि, समय समय पर इसे रोकने के लिए मांग उठती रही है। जनसंख्या में बढ़ोतरी आज भारत जैसे देशों में एक बड़ी समस्या हो गयी है। वहीं, एक ऐसा देश भी है जहां जनसंख्या बढ़ने पर खुशी जताई जाती है।
जी हां! एक ऐसा देश जो अपने नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए न केवल प्रोत्साहित करते हैं बल्कि उन्हें इनाम और सरकारी कामों में छूट भी देता है। हम बात कर रहें है कज़ाख़स्तान की। आइये इस बारें में विस्तार में जानते हैं।
इस मेडल से सम्मानित किया जाता है
कज़ाखस्तान में ज्यादा बच्चा पैदा करने वाली महिलाओं को ‘हीरो मदर्स’ का गोल्ड मैडल दिया जाता है। यहां के बड़े परिवारों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां की सरकार चाहती है कि, परिवार में ज़्यादा बच्चे हों। ऐसे में देश की जन्म दर बढ़ाने वाली माताओं को ‘हीरो मदर्स’ मेडल से सम्मानित किया जाता है। अगर परिवार में छह बच्चे हैं, तो माँ को सिल्वर मेडल दिया जाता है, जबकि सात या उससे अधिक बच्चे पैदा करने वाली माँ को गोल्ड मेडल दिया जाता है।
इनको दस बच्चों के लिए मिला गोल्ड मेडल
कज़ाखस्तान की रहने वाली रौशन कोजोमकुलोवा 10 बच्चों की मां हैं, इसलिए उनके पास सिल्वर और गोल्ड, दोनों ही मेडल हैं। इस उपलब्धि पर उन्हें गर्व है। उनके घर में आठ लड़कियां और दो लड़के हैं। बता दें कि, गोल्ड मेडल मिलने के बाद वह उम्र भर सरकारी भत्ते की हक़दार हैं। वहीं, बक्तीगुल हलाइकबेवा के छह बच्चे हैं। इसके लिए उन्हें सिल्वर मेडल मिला है और हर महीने सरकारी भत्ता मिलता है।
यह है इस देश की नीति
सूत्रों की मानें तो, जो मां मेडल नहीं जीत पाती हैं, वो भी सरकारी सहायता पा सकती हैं। जिन परिवारों में चार बच्चे हैं, उन्हें भी भत्ता दिया जाता है, जब तक बच्चे 21 साल के न हों जाएं। कज़ाखस्तान के श्रम और सामाजिक कार्यक्रम विभाग की अक्साना एलुसेजोवा का कहना है कि, उनकी सरकारी नीति है कि उनके देश में ज़्यादा बच्चे हों। जिससे कि उनके देश की जनसंख्या में वृद्धि हो सके।
सोवियत संघ की तुलना में कज़ाखस्तान में यह पुरस्कार छोटे परिवारों को भी मिलने लगा है, क्योंकि जन्म दर ऊंची रखना कज़ाखस्तान सरकार की प्राथमिकता है। हीरो मदर कहलाने के लिए अब कम से कम चार बच्चे होना ज़रूरी है। इसके अलावा सरकार गर्भवती महिलाओं और एकल माताओं को भी अर्थिक सहायता प्रदान करती है। जिन महिलाओं के चार से कम बच्चे हैं, उन्हें कोई मासिक भुगतान नहीं मिलता है।
यह हैरान करने वाली बात है जहां भारत जैसे कई देशों में जनसंख्या बढ़ने पर विभिन्न रोक लगाए जा रहें वहीं कई ऐसे शहर भी हैं जहां जनसंख्या को मेडल्स द्वारा बढ़ावा मिल रहा है। ऐसे देश में बच्चे ज़्यादा होने पर सर नहीं पकड़ा जाता बल्कि जश्न मनाया जाता है।
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