देश में आठ आई.आई.टी. हैं जहां शिक्षकों की कमी हो रही है। सबसे खराब दशा आई.आई.टी. बी.एच.यू. की मानी जा रही है। यहां 283 पद खाली हैं। इंदौर निवासी आर.टी.आई. कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ की मांगी गई आर.टी.आई. में से ये बात आगे आई है।
आर.टी.आई. कार्यकर्ता चंद्रशेखर ने आई.आई.टी.
बांबे, दिल्ली, गुवाहाटी, कानपुर, खड़गपुर, मद्रास, रुड़की और वाराणसी में स्थित आई. आई. टी. के शिक्षकों के पद के बारे में जानकारी मांगी थी। इस समय इन आठ संस्थानों में 65,824 छात्रों की तुलना में केवल 4,049 शिक्षक मौजूद हैं, जबकि नियमों के अनुसार 6,318 पद स्वीकृत होते हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मिले आर.टी.आई. और जवाब में यह बताया कि आई.आई.टी. बी.एच.यू. में 548 शिक्षकों की जगह केवल 265 शिक्षक कार्यरत है। आई.आई.टी. संस्थान में 52% पद रिक्त हैं।आई.आई.टी. खड़गपुर में 46%, आई.आई.टी. रुड़की में 42%, आई.आई.टी. कानपुर में 37%, आई.आई.टी. दिल्ली में 29%, आई.आई.टी. मद्रास में 28%, आई.आई.टी. बांबे में 27% और आई.आई.टी. गुवाहाटी में 25% पद रिक्त होने की जानकारी प्राप्त हुई है।
आई.आई.टी. बी.एच.यू. के निर्देशक प्रोफेसर प्रमोद जैन ने कहा कि खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द ही नियुक्ति होने लगेगी।
यूजीसी के द्वारा 22 फरवरी 2017 को ‘पे रिव्यू कमेटी’ का गठन हुआ था। कमेटी की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने हायर एजूकेशनल इंस्टीट्यूशंस में प्रोफेसर्स को मिलने वाली तनखा संशोधन कि है। इस संदर्भ में 02 नवंबर 2017 को अधिसूचना जारी की गयी थी।
यूनिवर्सिटी या कॉलेजों में प्रोफेसर्स के लिए तीन पद निर्धारित किये गये हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर। लाइब्रेरी और फिजिकल एजूकेशन पर्सोनल में विभिन्न स्तरों में कोई फेर बदल नही किया गया है।
शिक्षक और समकक्ष पदों के लिए निम्नलिखित तरीके से वेतनमान निर्धारित किया गया है:-
सातवें वेतन आयोग के फॉर्मूले को एकेडेमिक में भी अपनाया गया है। पे-बैंड और एकेडेमिक ग्रेड पे समाप्त किया गया है। एकेडेमिक लेवल और शेल के आधार पर वेतनमान निर्धारित किया गया है।
पहला एकेडेमिक लेवल (एकेडेमिक ग्रेड पे छे हजार रुपए के अनुरूप) दस ह। अन्य एकेडेमिक लेवल्स ग्यारह, बाराह, तेरा, चौदा और पंद्रह हैं।
एकेडेमिक लेवल में प्रत्येक शेल पिछले लेवल के शेल से तीन प्रतिशत अधिक है।
इंडेक्स ऑफ राशनलाइजेशन (आइओआर) को दस हजार रुपए वर्तमान एजीपी के लिए 2.67 निर्धारित किया था और दस हजार रूपए से अधिक एजीपी वालों के लिए 2.72 रखा था।