दृष्टिबाधितों के लिए बाजार में ब्रेल लैपटॉप लॉन्च कर गया है। पांच साल की मेहनत के बाद आइआइटी दिल्ली के प्रोफेसर और छात्रों ने कुछ कंपनियों के साथ मिलकर तैयार करा है। इसे डॉटबुक के नाम से जाना जाएगा। संस्थान ने दावा किया है कि यह देश का पहला ब्रेल लैपटॉप है।
आइआइटी दिल्ली के निर्देशक प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर एम. बालाकृष्णन के साथ कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को ब्रेल लैपटॉप को लॉन्च किया था। उन्होंने कहा कि यह लैपटॉप आइआइटी दिल्ली के अलावा नोएडा के क्रितिकल साल्यूशंस, चेन्नई के फीनिक्स मेडिकल सिस्टम, दिल्ली में स्थित सक्षम ट्रस्ट और वेलकम ट्रस्ट के एकजुट सहयोग से तैयार किया गया है। इसके दो वर्जन बाजार में लाए गए हैं।
एक लैपटॉप का नाम “डॉटबुक 20पी” है। डॉटबुक 20पी की कीमत चालीस हजार रूपए रखी गई है। दूसरे वर्जन का नाम “डॉटबुक 40क्यू” है। डॉटबुक 40क्यू की कीमत साठ हजार रुपए रखी गई है। लॉन्च के समय मौजूद दृष्टिबाधिक छात्रों ने ब्रेल लैपटॉप का परीक्षण भी किया। छात्र संस्थान के निर्देशक प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव को मैसेज और इमेल भेजा गया।
प्रोफेसर एम. बालाकृष्णन ने कहा कि ब्रेल लैपटॉप में वाईफाई , ब्लूटूथ के साथ में मेमोरी डाली है। ब्रेल लैपटॉप से दृष्टिबाधित छात्र जो भी टाइप करते हैं वो मेमोरी में सुरक्षित हो जाता है। इसे मोबाइल एप्लीकेशन से भी जोड़ा जा सकता है। ब्रेल लैपटॉप के दोनों वर्जन में स्क्रीन नहीं है। डॉटबुक 20पी में बीस शब्दों को एक बार में टाइप किया जा सकता है। डॉटबुक 40क्यू में चालीस शब्दों को एक बार में टाइप किया जा सकता है। ब्रेल लाइन से दृष्टिबाधित छात्रों को टाइप करते समय की बोर्ड को समझने में सुविधा भी होगी।
इसके आविष्कार से दृष्टिबाधितों को एक ताकत मिली जिससे वे भी अपनी बातें मेल और मेसेज के द्वारा दुनिया के दूसरे छोर तक पहुंचा सकेंगे।
अब उन्हें किसी की सहायता की जरूरत नहीं पड़ेगी किसी नौकरी के लिए अप्लाई करने के लिए ।
वे स्वयं ही सक्षम पहले से ही थे पर ब्रेल लैपटॉप ने आकर उनका कार्य आसान बना दिया है।
आशा करते हैं कि एसे ही उन्नति होती रहे जिससे देश और दुनिया का विकास होता रहे।