हाउडी मोदी(Howdy Modi): ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में मोदी-ट्रम्प की जोड़ी ने बना डाली नयी हिस्ट्री, एनर्जी से सराबोर हुए अमेरिकन-इंडियन

हाउडी मोदी

यूएसए का सबसे बड़ा मैदान, 50 हजार से अधिक भारतीय, भारत और अमेरिका के एक साथ लगे हुए झंडे, सजा-धजा माहौल, नृत्य-संगीत का उत्सव और उसमे चार चाँद लगाती मोदी और ट्रम्प की जोड़ी. रविवार को अमेरिका के ह्यूस्टन  के ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में अमेरिका का भारत देखने को मिला. ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में आयोजित हुए इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम ने एक इतिहास रच दिया. ये ऐसा पहला मौका था जब भारत जैसे बड़े लोकतंत्र और अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के मुखिया एक साथ किसी सार्वजानिक कार्यक्रम की स्टेज पर एक साथ नजर आये. इस कार्यक्रम ने भारत मान पूरी दुनिया में बढ़ाने का काम किया है.

हाउडी माई फ्रेंड्स….ये जो दृश्य है, ये जो  माहौल है, ये अकल्पनीय है, और जब टक्सास की बात आती है तो हर बात भव्य होनी विशाल होनी, ये टक्सास के स्वाभाव में है. आज टेक्सास की स्परिट यहाँ भी रिफ्लेक्ट हो रही है . इस अपार जनसमूह की उपस्थिति सिर्फ अरिथमेटिक तक ही सीमित नहीं है. आज हम यहाँ एक नयी हिस्ट्री बनते हुए देख रहे हैं और एक नयी केमिस्ट्री भी बनते हुए देख रहे हैं. नई हिस्ट्री, नई केमिस्ट्री, एनआरजी की ये एनर्जी भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती सिनर्जी की गवाह है. कुछ इन्ही वाक्यों के साथ मोदी ने हूस्टन के मैदान में अपना भाषण शुरू किया.

मोदी ने अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की जमकर प्रशंसा की. मोदी ने ट्रम्प का परिचय करवाते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प किसी परिचय के महज नहीं हैं. उन्होंने सीईओ से समंदर इन चीफ तक का  सफर तय किया है. आज पूरी दुनिया में कोई ऐसा कोना नहीं है जहाँ राजनीति कि बातें हो रही हों और ट्रम्प का जिक्र न हो. उनके सौम्य स्वाभाव से हर कोई प्रभावित हो जाता है. मेरी पहले भी ट्रम्प से कई बार मुलाकात हो चुकी है, मगर हर बार वो उसी गर्मजोशी के साथ मुलाकात करते हैं जैसे पहली बार की थी. उन्होंने राजनीति से लेकर सुरक्षा तक के लिए अमेरिका में विशेष काम किया है. आज दोनों बड़े लोकतांत्रिक देशों के दिलों में धड़क रही दोस्ती की धड़कन को सुना जा सकता है.

दूसरी तरफ ट्रम्प ने भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि मोदी ने भारत के अंदर अर्थव्यवस्था से लेकर जमीनी स्तर पर विशेष विकास किया है उसी का परिणाम है कि 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ गए. मैं जा अमेरिका के सबसे महँ मित्रों में से एक के साथ यहाँ खड़े होकर रोमांचित महसूस कर रहा हूँ. आज अमेरिका- भारत के सबंध जिस उच्च स्तर पर हैं उतने कभी नहीं रहे. आज हम अपने रिश्तों का जश्न मना रहे हैं.

Howdy Modi

कार्यक्रम में 400 कलाकारों ने नृत्य,गीत, संगीत के कार्यक्रम पेश किये. जिसके लिए पिछले कई दिनों से चल रहा था. कार्यक्रम के शुरुआत में राष्ट्रगान गाया गया. पूरे कार्यक्रम के दौरान 600 संगठनों के लगभग एक हजार कार्यकर्ता व्यवस्थाएं सँभालने में लगे रहे. पूरे कार्यक्रम का भारत के अंदर भी लाइव प्रसारण किया गया. इस कार्यक्रम में मोदी को मिले सम्मान और भारत के बढ़ते मान को देखकर भारत की जनता भी गदगद हो उठी. लोगों ने पूरे कार्यक्रम को टीवी-मोबाइल पर देखा. उसके बाद सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम से जुड़े पोस्ट की बाढ़ सी आ गयी . कार्यक्रम के आकर्षक पलों को छोटी छोटी क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. हैजटैग हाउडी मोदी कई दिन से लगातर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम से पहले अमेरिका के ह्यूस्टन में अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र से जुडी 17  कंपनियों के साथ बैठक की. जिसमे तय हुआ है कि अगले 40 वर्षों तक अमेरिका भारत को प्रतिवर्ष 50 टन एलएनजी की देने की आपूर्ति करेगा. इसके लिए भारत में एलएनजी का आयात करने वाली सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी पेट्रोनेट ने अमेरिकी कंपनी टेलुरिएन के साथ समझौता किया है. किये गए इस समझौते के अनुसार अमेरिका में एक नया टर्मिनल स्थापित किया जाएगा, जिसमे 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी भारतीय कंपनी की रहेगी. यह भारत की तरफ से विदेश में ऊर्जा के क्षेत्र में किया गया अब तक का सबसे बड़ा निवेश है. फ़िलहाल भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ऊर्जा का आयातक है.

हाउडी मोदी

हाउडी मोदी कार्यक्रम के बाद इस्लामिक आतंकवाद फिर चर्चा में आ गया है. कार्यक्रम में ट्रम्प ने कहा कि हमे इस्लामिक आतंकवाद के खात्मे के लिए के साथ आना होगा. यह एक तरफ से पाकिस्तान की तरफ किया गया इशारा था. 370  हटने के बाद से ही पाकिस्तान जगह जगह भगा फिर रहा है  मगर कोई भी देश उसे समर्थन देने के लिए तैयार नहीं है. जहाँ एक तरफ आतंकवाद के धर्म पर बहस हो रही है वही अमेरिकी राष्ट्रपति ने आतंकवाद के साथ इस्लामिक शब्द का प्रयोग कर आतंक का धर्म भी बता दिया है. इसके बाद फिर से आतंकवाद को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू गयी है.

‘हाउडी मोदी’ कर्यक्रम अमेरिका के एक गैर लाभकारी संगठन ‘ह्यूस्टन इंडिया फोरम’ द्वारा आयोजित करवाया था. जिसके लिए पास जारी किये गए थे. लोग इस कार्यक्रम को देखने के लिए इतने बेताब थे कि कार्यक्रम से पहले ही 50  हजार टिकटों की बिक्री हो चुकी थी. इस कार्यक्रम को यूएसए के सबसे बड़े फुटबॉल मैदान ‘एनआरजी स्टेडियम’ में आयोजित किया गया था. अमेरिकी समय के अनुसार सुबह के 10  बजे इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई. जिसमे मोदी और ट्रम्प ने अलग अलग सभा को सम्बोधित किया. प्रमुख रूप से इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्म-जाति के लोगों को एक साथ लाने और उनके बीच सद्भावना लाने के साथ ही भारत और अमेरिका के संबंधों को मज़बूत करना था.

हाउडी मोदी

फ़िलहाल ह्यूस्टन के इस कार्यक्रम ने भारत-अमेरिकी संबंधों को एक बार फिर मज़बूती देने का काम किया है. भारत को मिले सम्मान को पूरे विश्व ने देखा है. पीएम मोदी की लोकप्रियता का जलवा और उनके भाषण देने का अंदाज एक बार फिर इस कार्यक्रम में देखने को मिला. ट्रम्प के साथ जिस गर्मजोशी से मोदी की मुलाकात हुई वो दोनों देशों के बीच मधुर संबंधों को जाहिर कर रही थी. इस कार्यक्रम ने बता दिया कि मोदी के प्रति लोगों की दीवानगी भारत तक की सीमित नहीं है बल्कि विदेशों में भी कायम है.

 

 

Rajeshwar Singh

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