चंडीगढ़: किसी भी देश के संपूर्ण विकास के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषय है। सभी नागरिकों को समान शिक्षा का अवसर प्रदान करके एक बेहतर समाज का निर्माण संभव है। शिक्षा वो ताकत है जो हमें बौद्धिक, आर्थिक और समाजिक रूप से सशक्त बनाती है। समय के साथ साथ शिक्षा के स्तर को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सरकार शिक्षा नीति में भी बदलाव कर रही है। जिसके लिए निपुण भारत योजना की शुरूआत की गई है।
हरियाणा बन रहा निपुण प्रदेश
हरियाणा में भी बच्चों की प्राथमिक शिक्षा पर काफी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए मनोहर सरकार भी शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए निपुण भारत योजना को प्रदेश में लागू कर चुकी है। निपुण हरियाणा मिशन योजना के तहत पढ़ने-पढ़ाने के तरीकों में आधुनिक बदलाव किया गया है। इसके लिए पारांपरिक शिक्षा पद्धति की बजाय अब बच्चों को बड़े ही इनोवेटिव और क्रिवेटिव तरीके से पढ़ाया जा रहा है।
इनोवेशन, क्रिएशन के साथ एजुकेशन
निजी स्कूलों की तरह अब सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में भी हाईटेक तरीके से पढ़ाई कराई जा रही है। इसके लिए प्रोजेक्टर, एनिमेशन, कार्टून और खेलों के जरिए गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे विषयों की शिक्षा दी जा रही है। बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए टीचर्स काफी मेहनत कर रहे हैं। वो आर्ट और क्राफ्ट के जरिए बच्चों के लिए स्टडी मटिरियल तैयार कर रहे हैं। इसके बेहतर परिणाम भी सामने आने लगे हैं। इस योजना के तहत अप्रैल महिने में अंबाला जिले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
ऐसे होती है मूल्यांकन प्रकिया
निपुण भारत योजना स्कूल में किस तरह से काम कर रही है। साथ ही इसके कैसे परिणाम सामने आ रहे हैं इसके लिए एक मूल्यांकन प्रकिया भी बनाई गई है। जिसके तहत सभी स्कूलों से हर महिने एक डेटा बेस तैयार किया जाता है, जिसमें कुछ अहम सवाल शामिल होते हैं। निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्रदेश के सभी 22 जिलों में पहली से लेकर 5वीं तक के 8657 प्राइमरी स्कूल संचालित हैं। जहां शिक्षा के स्तर का मूल्यांकन हर महीने इस आधार पर किया जाता है।
1. क्या अध्यापकों ने स्किल पासबुक को दक्षताओं के अनुसार भरा है ?
2. क्या कक्षा 1 में विद्याप्रवेश की गतिविधियां करवाई जा रही हैं ?
3. क्या कक्षा-कक्ष का वातावरण प्रिंट रिच है ?
4. क्या क्लस्टर लेवल पर शिक्षको के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन
किया गया है ?
5. क्या जिले के मेंटर्स ने अपनी क्लास विजिट को पूरा किया है ?
6. क्या जिले में गुणवत्तापूर्ण DPIU review किया गया है ?
क्या है निपुण शिक्षा योजना
केंद्र सरकार ने पहली कक्षा से तीसरी कक्षा तक के छात्रों की शिक्षा नीति को बेहतर बनाने के लिए इस योजना की शुरूआत की है। साल 2020 में लायी गयी शिक्षा नीति के बेहतर क्रियान्वयन के लिए इस योजना की शुरूआत 5 जुलाई 2021 को की गई थी। निपुण भारत मिशन के अंतरगत वो छात्र जो कक्षा-3 में पढ़ रहे हैं उन्हें बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता में निपुण बनाना है। इस मिशन को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है।
क्या है इस योजना का उद्देश्य
निपुण भारत मिशन का उद्देश्य हाईटेक और डिजिटल माध्यम से छात्रों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है। कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों को पढ़ने, लिखने और अंक गणित करने की क्षमता मिल सके। निपुण भारत के तहत प्री स्कूल 1, प्री स्कूल 2 और प्री स्कूल 3 के बाद ग्रेड 1 , ग्रेड – 2 और ग्रेड 3 की कक्षाए संचालित की जाएंगी। 3 से 9 साल के बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दिया जाएगा। ताकि उनकी शिक्षा की नींव बेहतर और मजबूत बन सके। इस मिशन को पूरा करने के लिए 2026 – 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है।
