फेमस सिंगर “सोनू निगम” की आवाज़ को सुनकर लोग पागल और घायल से हो जाते हैं। उनकी आवाज में ऐसा जादू है कि लोग अपने आप को इमोशनल और रोमांटिक होने से रोक ही नहीं पाते हैं। आज 23 जुलाई को सोनू निगम का 44वां जन्मदिन होता है। उन्होंने मशहूर गायक “मोहम्मद रफी” के गाने गा कर अपने करियर की शुरुआत की थी और इसीलिए उन्हें रफी क्लोन भी कहा जाता है।
सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई 1973 को हरियाणा के फरीदाबाद शहर में हुआ था। उनके माता- पिता भी गायक थे। बचपन से ही सोनू निगम को संगीत का बहुत ही शौक था। वह भी अपने माता- पिता की तरह गायक ही बनना चाहते थे। उन्हें गाने इतना शौक था कि वह 4 साल की उम्र से ही अपने पिता के साथ कई जगहों पर स्टेज प्रोग्राम भी किया करते थे।
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4 साल की उम्र से ही सोनू निगम ने अपने गायकी के करियर की शुरुआत कर दी थी। उन्होंने अपने पिता “अगम निगम ” के साथ मोहम्मद रफी के गाने गाए। मोहम्मद रफी का एक गाना “क्या हुआ तेरा वादा” ने सोनू निगम को इतना फेमस बना दिया जिससे उनकी एक अलग ही पहचान बनने लगी। उसके बाद वह अपने पिता के साथ ही शादियों, पार्टियों और बाकी कई जगह पर गाना गाने लगे।
19 साल की उम्र से ही उन्होंने अपनी गायकी की शुरुआत कर दी थी। सोनू निगम अपने फैशन सेंस और स्टाइल के लिए भी काफी माने जाते हैं। उनकी पर्सनैलिटी काफी अच्छी और बेहतर है। सोनू निगम की शादी के बाद उनका एक बेटा भी है जिसको भी गाना गाने में बहुत ही मन लगता है। सोनू निगम ने 19 साल की उम्र से अपना करियर बनाने के लिए पिता के साथ मुंबई आने का आने का फैसला किया।
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हिंदुस्तानी गायक “गुलाम मुस्तफ़ा खान” से शिक्षा ली। मायानगरी मुंबई में आकर उन्होंने शुरुआत करने के साथ ही साथ बहुत सारी कठिनाइयों का सामना भी किया। उन्होंने पैसा कमाने के लिए कई सारे स्टेज शो भी किए। उन्होंने मोहम्मद रफी के बहुत सारे फेमस गाने भी गाए। इसी दौरान प्रसिद्ध के T-Series की कंपनी के मालिक “गुलशन कुमार” ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें गाने का मौका दिया।
T-Series में उनके गाए गानों का एल्बम “रफी की यादें” के नाम से निकाला गया जिसे सुनने वाले श्रोताओं ने बहुत ही पसंद किया। सोनू निगम के करियर की असल शुरुआत 1995 से शुरू हुई थी जब उन्होंने छोटे पर्दे के कार्यक्रम सारेगामा में होस्ट किया था। इससे उनको काफी ज्यादा प्रसिद्धि मिलने लगी और कुछ हद तक वो अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गये। इसी के साथ ही साथ उन्होंने फिल्मों में भी अपना हाथ आजमाया।
उन्होंने प्यारा दुश्मन ,कामचोर, उस्तादी उस्ताद से, बेताब, हमसे है ज़माना और तकदीर जैसी फिल्मों में छोटे कलाकार के रूप में काम किया। साथ ही साथ उन्होंने बतौर अभिनेता जानी दुश्मन-एक अनोखी प्रेम कहानी, लव इन नेपाल और काश आप हमारे होते जैसी फिल्मों में काम किया। जिसमें लोग उनको काफी पसंद कर रहे थे लेकिन इसके बावजूद सोनू ने सिंगिंग में अपना करियर बनाना ज्यादा बेहतर समझा। सोनू निगम को दो बार फिल्म फेयर अवार्ड मिल चुका है।
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एक बार 2002 में फिल्म “साथिया” के टाइटल सॉन्ग को गाने के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सिंगर के लिए पुरस्कार मिला और इसके बाद ही 2003 में फिल्म “कल हो ना हो” के गीत के टाइटल सॉन्ग को गाने के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सिंगर के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार के साथ ही साथ राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया।



