भारतीय रेलवे आम जिंदगी की रीढ़ है। हर दिन लाखों यात्री रेल के जरिए अपना सफर पूरा करते हैं। ब्रिटिश शासन में रेलवे की शुरुवात के बाद से अब तक देशभर में रेल नेटवर्क का जाल बिछ चुका है। आज का दिन यानि 22 दिसंबर रेलवे के इतिहास में बहुत खास है।
देश में रेलवे के सफर को 166 साल पूरे हो चुके हैं। 1851 को आज ही के दिन देश में पहली बार ट्रेन का सफर शुरू हुआ था। ब्रिटिश शासकों ने अपने राज में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए देश में रेलवे की शुरुवात की योजना बनाई। 1844 में गवर्नर जनरल लार्ड हार्डिंग ने भारत में रेलवे के विस्तार की योजना तैयार की थी। 22 दिसंबर 1851 को रुड़की में किसी निर्माण कार्य में समान की ढुलाई के लिए पहली बार मालगाड़ी का इस्तेमाल किया गया। यहीं से देश में रेलगाड़ी की शुरूवात हुई। उसके बाद 16 अप्रैल 1853 को पहली बार देश में सवारी गाड़ी चली। मुंबई से ठाणे के बीच 34 किमी की ये रेलवे की ऐतिहासिक यात्रा थी। इसके बाद देश में रेलवे का विस्तार ने रफ्तार पकड़ ली। हर राज्य में रेलवे का जाल बिछने लगा। 1 जनवरी 1856 को मद्रास रेलवे कंपनी की स्थापना के साथ दक्षिण भारत में रेलवे का विस्तार शुरु हुआ। आजादी के समय रेलवे ने करीब 50 हजार किमी क्षेत्र में अपना नेटवर्क बना लिया। आजादी के बाद रेलवे के विस्तार का दायरा सीमित होने लगा। इसका ही परिणाम है कि वर्तमान में रेलवे का कुल नेटवर्क करीब 63 हजार किमी है। लेकिन इस बीच देश में रेलवे की सुविधाएं बढ़ाने का काम काफी तेजी से हुआ। 1951 को भारत सरकार ने रेलवे का राष्ट्रीकरण किया। आज रेलवे देश की आर्थिकी सुधारने में बहुत बड़ा योगदान दे रहा है। वर्तमान में टेक्नोलॉजी के लिहाज से भी रेलवे में काफी सुधार हो रहे हैं।
