हितेश पंत (नई दिल्ली)
अगर आप भी स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाइए। हाल ही में हुई एक रिसर्च में ये बात सामने आयी है कि जो लोग मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल करते हैं वे विभिन्न प्रकार के मानसिक विकारों से घिरने लगते हैं। ऐसे लोग किसी काम में दिमाग केंद्रीत नहीं कर पाते हैं। साथ ही उनके परिवार में भी अक्सर माहौल बिगड़ने लगता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल करना एक नशे की तरह है। मोबाइल के नोटिफिकेशन या वाइब्रेशन की लोगों को इस तरह लत पड़ने लगी है कि अब बीच-बीच में मोबाइल चैक करने लगते हैं। रिपोर्ट के अनुसार अगर मोबाइल यूजर को 30 मिनट तक कोई टोन या नोटिफिकेशन न मिले तो वे इस तरह मोबाइल चैक करने लगते हैं जैसे मोबाइल में कोई नोटिफिकेशन आया हो, जबकि कोई नोटिफिकेशन नहीं होता।
रिपोर्ट में ये बात भी बताई गई है कि सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल भी हमारे लिए हानिकारक है। घरों में होने वाले झगड़ों में 30 फीसदी का कारण सोशल मीडिया या मोबाइल का इस्तेमाल होता है। ऐसे घरों में बच्चे भी कम उम्र में मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने लगते हैं। रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया का ज्यादा उपयोग हमारे दिमाग को संकुचित करने लगता है और हमारे सोचने और निर्णय लेने की क्षमता कम होने लगती है। याददास्त में भी इससे कमी आने लगती है।
मीडिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि स्मार्टफोन का ज्यादा उपयोग करने से व्यक्ति अक्सर अकेलापन और उदासी महसूस करने लगता है। ऐसे लोग चिंतित ज्यादा रहते हैं और खुद को दूसरों से कटा हुआ समझने लगते हैं। रिपोर्ट के अनुसार अगर थोड़ी देर तक मोबाइल या इंटरनेट काम न करे तो लोग बैचेन और उत्तेजित होने लगते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब लोगों को मोबाइल के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना बहुत आवश्यक है। इस समस्या से बचने के लिए उपाय सुझाते हुए कहा गया है कि रात को सोने से 30 मिनट पहले तक मोबाइल का उपयोग न करें। हफ्ते में एक दिन ऐसा तय कर लीजिए जिस दिन आप सोशल मीडिया से दूर रहें और तीन महीनों में एक बार लगातार 7 दिन तक सोशल मीडिया से दूर रहें। इसके अलावा मोबाइल का रिचार्ज इस तरह कराएं कि दिन में आप ज्दाया से ज्यादा दो घंटे बात कर सकें।