हितेश पंत (नई दिल्ली)
देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हर उम्र के लोगों में कई तरह की प्रतिभाएं समय-समय पर सामने आती हैं। अब 15 साल का एक बच्चा अपने अविष्कार के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। हर्षवर्धन झाला नाम के इस बच्चे ने एक ऐसा ड्रोन तैयार किया है जो देश की रक्षा में सेना के लिए मददगार साबित हो सकता है।
हर्षवर्धन झाला गुजरात के रहने वाले हैं और हाईस्कूल के छात्र हैं। 15 साल की उम्र में ही वो इलैक्ट्रोनिक्स और टक्नोलॉजी के अच्छे जानकार बन गए हैं। सुरक्षा बलों की मदद के लिए उन्होंने ऐसा ड्रोन तैयार किया है जो लैंड माइन्स की पता लगा सकता है। इतना ही नहीं इस ड्रोन में ऐसी तकनीक इस्तेमाल की गई है जिससे लैंड माइन्स को निष्क्रिय किया जा सकता है।
इस ड्रोन में इन्फ्रारेड, आरजीबी सेंसर और थर्मल मीटर लगा है। इसमें मैकेनिकल शटर और 21 मैगापिक्सल कैमरा लगाया गया है। ये ड्रोन एक बार में 8 वर्ग मीटर के दायरे में लैंड माइन्स की जांच कर, सिग्नल्स को कन्ट्रोल रूम में भेजता है। इस ड्रोन के साथ थोड़ा वजन भी भेजा जा सकता है।
हर्षवर्धन के पिता प्रद्युम्न झाला एक अकाउंटटेंट हैं। उन्होंने बताया हर्षवर्धन को एक डॉक्यूमेंट्री देखकर ये ड्रोन बनाने की प्रेरणा मिली। जिसमें बताया गया था कि साल 2009 से 2013 तक लैंड माइंस के कारण 752 मौतें हुई। माइंस को निष्क्रिय करने के दौरान कई सैनिक घायल भी हुए हैं। इसके बाद हर्षवर्धन ड्रोन बनाने पर काम शुरू किया।
