हितेश पंत (नई दिल्ली)
तकनीक इस कदर आगे बढ़ रही है कि इंसानों के अधिकतर काम रोबोट आसानी से कर रहे हैं। रोबोट के बढ़ते महत्व के बीच साऊदी अरब ने तो एक रोबोट को अपने देश की नागरिकता तक दे रखी है। अब रूस की एक कंपनी ने ऐसा रोबोट तैयार किया है जो कंपनी के एचआर से संबंधित काम कर सकती है।
रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में स्ट्रॉफोरी नाम से एक स्टार्टअप शुरू हुआ। ब्लादिमीर स्वेशनिकोर और अलेक्जेंडर उराक्सिन इस कंपनी के कॉ-फाउंडर हैं। ये दोनों ही एचआर प्रोफेशनल्स हैं। एक कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट में जॉब करने के दौरान इन्हें आइडिया आया कि उनका काम एक रोबोट भी कर सकता है। इसके बाद दोनों ने एक ऐसा रोबोट बनाने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जो एचआर का काम कर सके।
रिसर्च के बाद उनकी कंपनी ने ऐसा रोबोट तैयार किया जो एचआर से संबंधित काम में निपुण है। इस रोबोट का नाम वीरा रखा गया है। ये रोबोट आर्टिफिशियल इटेंलीजेंस के जरिए केंडिडेट्स के रिज्यूमे शॉर्ट लिस्ट करती है और फिर उनको कॉल कर इंटरव्यू के लिए बुलाती है। वीरा की खासियत ये है कि वो केंडिडेट्स को ईमेल भी करती है।
कंपनी के मुताबिक वीरा अब केंडिडेट्स का इंटरव्यू भी ले रही है। वीरा को बनाने वाली कंपनी अब उसे खुशी और गम जैसी इंसासी हावभाव को पहचानने की ट्रेनिंग दे रही है। वीरा करीब 300 बड़ी कंपनियों के लिए काम कर रही हैं। पेप्सिको, लोरियाल जैसी बड़ी कंपनियों के लिए वीरा रिक्रूटमेंट करती है। वीरा को बनाने वाली कंपनी का दावा है कि वो रिक्रूटमेंट में लगने वाले समय और खर्च में एक तिहाई तक कमी कर सकती है। वीरा जैसे रोबोट को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में रोबोट ही कंपनियों के लिए रिक्रूटमेंट का काम करेंगे।