सात मैचों में तीसरी बार जीतते जीतते किंग्स इलेवन पंजाब हार गई। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पहले मुकाबले में सुपर ओवर में हार और राजस्थान रायल्स के खिलाफ पहाड़ जैसा स्कोर बनाने के बावजूद राहुल तेवतिया के छक्कों के सामने नतमस्तक होने वाली किंग्स इलेवन पंजाब शनिवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ जीते हुए मुकाबले को हार बैठी। इन मैचों में पंजाब ने आखरी के कुछ ओवरों में समर्पण कर दिया।
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हारी हुई बाजी जीतने वाले को कहते हैं केकेआर
जहां एक ओर पंजाब ने जीता हुआ मैच गंवाया वही केकेआर ने लगातार दूसरी बार हारे हुए मैच में जीत हासिल की। दिनेश कार्तिक की टीम ने इससे पहले सीएसके को भी इसी अंदाज़ में हराया था उस मैच में एक समय लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी की टीम ने 3 विकेट पर 101 रन बना लिए थे लेकिन केकेआर के गेंदबाजों न्यू से 40 गेंदों पर सिर्फ 56 रन बनाने दिए उसे कारण सीएसके 10 रन से हार गई थी।
35 गेंद में बदल गया गेम
जिस टीम के 115 रनों तक कोई विकेट नहीं गिरे हो और 35 गेंद बाकी है ऐसे में कौन हार की उम्मीद कर सकता है। लेकिन पंजाब के बल्लेबाजी के अंदर के छेद इस मुकाबले के बाद और खुलकर दिखाई देने लगे एक बार और बता चला कि केएल राहुल (74) और मयंक अग्रवाल (56) के अलावा टीम के बल्लेबाजी पूरी तरह खोखली है। निकोलस पूरन 16 रनों पर ही चलते बने। एक समय टीम को 18 गेंद में सिर्फ 22 रनों की जरूरत थी लेकिन यह टीम आईपीएल जैसे खेल में वह भी नहीं पा सकी। वह सामने दिख रही जीत अगली कुछ गेंद खाली निकली। पंजाब को 12 गेंद में 20 रनों की जरूरत हो गई इसके बाद राहुल भी आउट हो गए। पंजाब को आखरी 6 गेंद में 14 रन की जरूरत थी और डेथ ओवरों के माहिर सुनील नरेन के हाथ में गेंद थी खुद को ताबड़तोड़ बल्लेबाजी समझने वाले ग्लेन मैक्सवेल(10) फिर चोकर साबित हुए। किंग्स को जीत के लिए आखिरी गेंद पर 7 रन चाहिए थे।
