स्कूल के बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए शुरू हुए खेलो इंडिया स्कूल गेम्स के पहले साल में हरियाणा ने बाजी मार ली। हरियाणा के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 38 स्वर्ण पदक जीते। युवा और खेल मामलों के राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने हरियाणा की टीम को सर्वश्रेष्ठ राज्य की ट्रॉफी से नवाजा।
दिल्ली में चल रहे खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में हरियाणा की टीम ने कुल 102 पदक जीते हैं, जिनमें से 38 स्वर्ण, 26 रजत और 38 कांस्य पदक शामिल हैं। वैसे तो महाराष्ट्र की टीम ने सर्वाधिक 110 पदक हासिल किए, लेकिन 36 स्वर्ण जीतने के कारण वो दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा महाराष्ट्र की टीम ने 32 रजत और 42 कांस्य पदक जीते हैं। इन दोनों के अलावा किसी और राज्य की टीम 100 पदक नहीं जीत पाई।
पदक तालिका में 94 पदकों के साथ तीसरे नंबर पर रही दिल्ली की टीम। दिल्ली ने 25 स्वर्ण, 29 रजत और 40 कांस्य पदक जीते हैं। 16 स्वर्ण पदक जीतने वाला कर्नाटक राज्य चौथे पायदान पर रहा। गुरूवार को खेलो इंडिया के अंतिम दिन हरियाणा की टीम महाराष्ट्र से पीछे थी। लेकिन हरियाणा ने आखिरी दिन में 15 स्वर्ण जीतते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली। हरियाणा के मुक्केबाजों ने आखरी दिन राज्य को 10 स्वर्ण पदक दिलाए। इसके अलावा यहां की लड़कियों ने हॉकी में स्वर्ण पदक जीता।
खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में कई बड़े-बड़े राज्य वो कारनामा नहीं कर पाए जो छोटे राज्यों ने किया। राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले में मणिपुर ने पांचवा स्थान प्राप्त किया। यहां के खिलाड़ियों ने 13 स्वर्ण, 13 रजत और 8 कांस्य पदक जीते। जबकि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के खिलाड़ी सिर्फ 10 स्वर्ण पदक ही जीत पाए। यूपी को कुल 62 पदक मिले। वहीं पंजाब 10 स्वर्ण पदकों के साथ सातवें स्थान पर रहा।
खेलो इंडिया स्कूल गेम्स के बाद देश को कई प्रतिभावान खिलाड़ी मिले हैं। अब तक ऑलंपिक्स में भारत का नंबर काफी पीछे रहता है। अगर स्कूल गेम्स के इस चैंपियनों के लिए बेहतर ट्रेनिंग और कॉचिंग की व्यस्था की जाए तो ये देश के बेहतरीन खिलाड़ी साबित हो सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन कर सकते हैं।


