भारत की सैन्य शक्ति लगातार बढ़ती जा रही है। जमीन, हवा और पानी तीनों जगह से देश की रक्षा के लिए अत्याधुनिक उपकरण भारतीय सेनाओं का हिस्सा बन रहे हैं। इसी क्रम आज स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस करंज नौसेना में शामिल हुई है। खास बात ये है कि इस शक्तिशाली पनडुब्बी को मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत तैयार किया गया है।
मुंबई के मझगांव डांक से नौसेना प्रमुख सुनील लांबा ने आईएनएस करंज को लॉन्च किया। करंज के आने के बाद समुद्र में भारत की ताकत काफी बढ़ जाएगी। एक ओर जहां हिंद महासागर से चीन को करारा जवाब दिया जा सकेगा वहीं अरब सागर के पास से पाकिस्तान की गतिविधियों का कड़ा जवाब देने में ये पनडुब्बी काफी अहम भूमिका निभाएगी। लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर आधारित ये पनडुब्बी दुश्मन के रडार में आए बिना गुपचुप तरीके से अपना ऑपरेशन चला सकती है।
ये पनडुब्बी फ्रांस की तकनीक पर बनी है। जो दुश्मन के जहाज का पता लगाकर उसमें अचूक निशाना लगा सकती है। 1565 टन वजनी इस पनडुब्बी की लंबाई 67.5 मीटर और चौड़ाई 12.3 मीटर है। समुद्र के साथ-साथ इससे जमीन पर भी निशाना लगाया जा सकता है। इसलिए जंग की स्थिति में ये ब्रह्मास्त्र की तरह साबित हो सकती है। पनडुब्बी में अगर ऑक्सीजन खत्म होती है तो ये अपने अंदर ऑक्सीजन बनाने में सक्षम है। इस तरह से लंबे समय तक ये पानी के अंदर रह सकती है।
ये पनडुब्बी तारपीडो जैसे हथियारों से लैस है। जिससे दुश्मन के जहाज या दुसरी पनडुब्बी को पूरी तरह से तबाह किया जा सकता है। सेना के लिए ये पनडुब्बी इंटेलीजेंस का भी काम करेगी। जिससे दुश्मन पर पूरी तरह से निगरानी रखी जा सकती है।
ये स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी है। इससे पहले आईएनएस कलवरी और खांदेरी भी भारतीय नौसेना में शामिल हो चुकी हैं। इस पनडुब्बी के आने के बाद नौसेना के पास कुल 14 पनडुब्बियां हो जाएंगी। करंज के आने के बाद अब समुद्र सीमा में भारत का मुकाबला करना किसी भी देश के लिए आसान नहीं हो सकेगा।
INS करंज के रूप में भारत को मिला ब्रह्मास्त्र