हितेश पंत (नई दिल्ली)
क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर की एक और पारी बुधवार को समाप्त हुई। राज्यसभा सदस्य के रूप में सचिन का कार्यकाल एक नए रिकॉर्ड के साथ पूरा हुआ। ये रिकॉर्ड राज्यसभा में बिना कभी बोले कार्यकाल पूरा करने का है। कार्यकाल पूरा होने से पहले सचिन ने दक्षिण मुंबई के सेवरी स्थित गुरु गोविंद सिंह हाईस्कूल के लिए सांसद निधि से फंड स्वीकृत किया। इसके बाद सचिन से स्कूल के बच्चों को कुछ सक्सेस मंत्र भी दिए।
गुरु गोविंद सिंह तेग बहादुर हाईस्कूल के छात्रों के लिए बुधवार की दिन बहुत रहा। दुनिया के महान क्रिकेट खिलाड़ी से बच्चे मिले और बातचीत की। इससे पहले सचिन ने स्कूल के कक्षाओं के निर्माण और उनके नवीनीकरण के लिए धनराशि स्वीकृत की। इस दौरान सचिन ने बच्चों के जिंदगी में सफल होने के मंत्र दिए।
सचिन ने बच्चों से कहा कि पढ़ाई और खेलों के बीच बेहतर सामंजस्य बैठाना चाहिए ताकि खेल और पढ़ाई के बीच आप मजबूत साझेदारी कर सकें। उन्होंने बच्चों से कहा कि पढ़ाई और खेल दोनों बहुत जरुरी हैं। पढ़ाई के समय पूरा ध्यान पढ़ाई पर देना चाहिए और जब खेल की बारी आए तो तब हमारा ध्यान खेल पर ही होना चाहिए। दोनों के बीच समय और सामंजस्य सटीक होना जरूरी है।
सचिन ने कहा कि शिक्षकों के साथ अपने विचार बांटना मेरे लिए अविश्वसनीय अनुभव है। मैं भी एक शिक्षक परिवार से आता हूं। मेरे पिता स्व. रमेश तेंदुलकर कीर्ति कॉलेज में प्रोफेसर थे। बच्चों की शिक्षा को लेकर उनके अंदर अथाह जूनून था। उन्होंने बच्चों से कहा कि अपना हर काम मन लगाकर पूरा कीजिए। इस दौरान सचिन ने बच्चों को गेंद, बल्ले और फुटबॉल भी बांटे। सचिन के साथ फोटो खिंचाकर बच्चे भी बहुत उत्साहित दिखे।
