हितेश पंत (नई दिल्ली)
चीन और पाकिस्तान की सीमा पर भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट्स ने तीन दिन में 5,000 उड़ानें भरी। करीब 15,000 वायुसेना के अधिकारी भी सीमा पर जमे हैं। 1100 लड़ाकू विमान हवा में मंडरा रहे हैं। ये कोई युद्ध का माहौल नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना का एक बड़ा युद्ध अभ्यास गगन शक्ति 2018 है। युद्ध की तैयारियों को लेकर वायुसेना ये अभ्याय कर रही है।
गगनशक्ति अभियान अब तक के सबसे बड़े युद्धाभ्यास में से एक है। इस युद्धाभ्यास में बड़ी संख्या में वायु सैनिक, लड़ाकू विमान, हैलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट विमान हिस्सा रहे हैं। युद्धाभ्यास में सुखोई, फाइटर जेट, तेजस को मिलाकर कुल 1100 विमान हवा में करतब दिखा रहे हैं। यहां वायुसेना ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सबको हैरान किया। 48 घंटे में ही पूर्वी क्षेत्र से पश्चिमी क्षेत्र में एयरक्राफ्ट को शिफ्ट किया गया। कुल 46 एयरबेस इस युद्धाभ्यास में जुड़े हैं।
गगन शक्ति में वायुसेना के साथ भारतीय सेना और नौसेना भी हिस्सा ले रही है। जिससे आकाश के साथ जमीन और समुद्र पर कॉम्बेट ऑपरेशन की तैयारियों का जायजा लिया जा सके। युद्धाभ्यास में 1150 फाइटर्स, विमानों, हैलीकॉप्टरों, एयर डिफेंस मिसाइल, ड्रॉन, रडार, सर्विलांस और अन्य उपकरणों को शामिल किया गया है। युद्धाभ्यास में पहली बार वायुसेना की महिला फाइटर पायलट्स भी हिस्सा ले रही हैं।
वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल बिरेंद्र सिंह धनोआ का कहना है कि गगन शक्ति 2018 का उद्देश्य परिचालन क्षमता और असल युद्ध जैसी स्थितियों से निपटने के लिए खुद को तैयार करना है। उनका कहना था कि पाकिस्तान बेहद करीब से इस ऑपरेशन पर नज़र रख रहा था जो “आसमान को हिला रहा है और धरती को चीर रहा है।”