हितेश पंत (नई दिल्ली)
भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का प्रमाण दुनिया को दिया है। देश के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ग्रह की पहचान की है जो पृथ्वी से करीब 27 गुना अधिक वजनदार है। साथ ही पृथ्वी के मुकाबले इसका रेडियस 6 गुना बड़ा है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस ग्रह की खोज के बाद अंतरिक्ष से जुड़ी कुछ असुलझी बातें समझने में मदद मिलेगी।
नए ग्रह की खोज के बाद भारत का नाम उन देशों के साथ जुड़ गया है जिन्होंने नए ग्रहों की खोज की है। अहमदाबाद की फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (पीआरएल) के वैज्ञानिकों ने नए ग्रह की पहचान की है। वैज्ञानिकों ने इस ग्रह को EPIC 211945201b (K2-236b) नाम दिया है। पृथ्वी से इस ग्रह की दूरी करीब 600 प्रकाश वर्ष है।
पीआरएल के वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती के नेतृत्व में वैज्ञानिकों के दल ने नए ग्रह की पहचान की। ये नया ग्रह आकार में नेप्च्यून से बड़ा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि नया ग्रह सूर्य जैसे ही एक तारे के पास है और ग्रह का तापमान करीब 600 डिग्री सेल्सियस है। अत्यधिक तापमान के कारण इस ग्रह में जीवन संभव नहीं है।
माउंट आबू स्थित पीआरएल ऑबजर्वेटरी से इस नए ग्रह की पहचान हुई है। यहां स्थित 1.2 मीटर के टेलिस्कोप से ग्रह को पहचाना गया और एडवांस रेडियल वेलॉसिटी अबु स्काई सर्च से ग्रह के वजन और अन्य जानकारियों का अनुमान लगाया गया है। पारस स्पेक्ट्रोग्राफ से अनुमान लगाया गया है कि इसका द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान से 27 गुना ज्यादा है।
वैज्ञानिक इस ग्रह का अनुमान पिछले करीब डेढ साल से लगा रहे थे। गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ये ग्रह अपनी कक्षा के चारों ओर चक्कर लगाता है। कई बार पृथ्वी और सूर्य के बीच ये ग्रह आने के कारण सूर्य की रोशनी पृथ्वी पर कम पड़ती है। वैज्ञानिकों को कहना है कि इस ग्रह की पहचान के बाद सितारों के आस पास वाले ग्रहों को समझने में सहायता मिलेगी।