हितेश पंत (नई दिल्ली)
सिविल सर्विसेज ज्वाइन करने का आपका सपना अगर पूरा नहीं हो पाया हो तो केंद्र सरकार एक बेहतरीन मौका लेकर आयी है। टॉप नौकरशाही में नियुक्ति के लिए सरकार ने एक नया नियम निकाला है। इस नियम के तहत प्राइवेट कंपनियों में सीनियर लेवल पर काम करने वालों को सरकार में उच्च पदों पर नियुक्ति मिल सकती है। इन नियुक्तियों के लिए सरकार की तरफ से बकायदा विज्ञापन भी जारी हो गया है।
अब आईएएस ग्रेड का अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी पास किए बिना भी नियुक्ति संभव है। केंद्र सरकार ने पहले ही संकेत दिया था कि उच्च पदों पर लेटरल एंट्री से नियुक्ति की जा सकती है। अब इस योजना को अंतिम रूप मिल गया है। सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल एडं ट्रेनिंग (डीओपीटी) की तरफ से इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी हुआ। इस नोटिफिकेशन के अनुसार प्राइवेट सेक्टर में बेहतरीन काम करने वालों को मंत्रायलों में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर नियुक्ति मिलेगी।
डीओपीटी की तरफ से अभी ज्वाइंट सेक्रेटरी के 10 पदों पर नियुक्ति का विज्ञापन जारी हुआ है। इन पदों पर नियुक्ति पाने वालों का कार्यकाल 3 साल का होगा, जिसे 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है। आवेदन करने वालों के लिए अधिकतम उम्र सीमा का उल्लेख नहीं हैं लेकिन कम से कम उम्र 40 साल होनी चाहिए। साथ ही प्राइवेट सेक्टर में काम करने का 15 साल का अनुभव भी अनिवार्य है।
इन पदों पर चयन इंटरव्यू के माध्यम से किए जाएंगे। इंटरव्यू के लिए कैबिनेट सचिव के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार किसी यूनिवर्सिटी, सरकारी या पब्लिक सेक्टर यूनिट या फिर प्राइवेट कंपनियों में 15 साल कम कर चुके व्यक्ति इन पदों के लिए योग्य हैं। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइंट सेक्रेटरी पदों के लिए निर्धारित वेतन और सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
सरकार में ज्वाइंट सेक्रेटरी का पद बेहद अहम होता है। सरकारी योजनाओं के क्रियानवयन के लिए प्लानिंग करना और उसे अमल में लाने के लिए ज्वाइंट सेक्रेटरी का खास योगदान रहता है। सरकार इस फैसले से प्राइवेट या पब्लिक सेक्टर के बेहतरीन लोगों को अपने साथ जोड़कर योजनाओं के बेहतर परिणाम देने का प्रयास कर रही है।