हितेश पंत (नई दिल्ली)
अक्सर आपने घर पर बड़े बुजुर्गों से सुना होगा की खड़े होकर पानी पीना सेहत के लिए अच्छा नहीं है। फिर भी जल्दबाजी में हम खड़े होकर ही पानी पीते हैं। खड़े होकर पानी पीना दिल के साथ-साथ किडनी पर भी भारी पड़ सकता है। मेडिकल साइंस की माने तो अच्छे स्वास्थ्य के लिए पानी पीने के नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।
स्वस्थ रहने के लिए पानी पीना बेहद जरूरी है। डॉक्टर्स एक दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी की सलाह देते हैं। लेकिन बैठकर पानी पीना ही सेहत के लिए अच्छा है। इसके अलावा फ्रिज का ठंडा पानी भी सेहत के लिए हानिकारक है। अगर आप नियमित गुनगुने पानी का सेवन करते हैं तो बीमारियां आपसे दूर ही रहेंगी।
खड़े होकर पानी पीने से पूरे शरीर तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पाता। इससे शरीर का लिक्विड बेलैंस बिगड़ने लगता है और जोड़ों में दर्द और गठिया रोग की संभावनाएं ज्यादा जाती हैं। खड़े होकर पानी पीना अपच की समस्या को भी जन्म देता है। डॉक्टर्स मानते हैं खड़े होकर पानी पीने से खाना सही से पच नहीं पाता। खाना सही तरह से नहीं पचने के कारण शरीर में कॉलेस्ट्रोल बढ़ने लगता है। जिससे हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है।
अक्सर अपच की समस्या से शरीर की एसोफेगस नली पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जो अल्सर जैसी समस्या को दावत देता है। हमेशा खड़े होकर पानी पीने से शरीर के निचले हिस्से में अल्सर की संभावनाएं बढ़ जाती है। इसके साथ ही खड़े होकर पानी पीना किडनी के लिए नुकसानदेह है। खड़े होकर पानी पीने से किडनी सही तरह से पानी नहीं छान पाती और फिर इंफेक्शन जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। यहीं से किडनी से जुड़ी बीमारियों की शुरूआत होती है।