16 सितंबर 2020 को जापान की संसद में हुए मतदान में योशिहिदे सुगा को औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री चुना गया। स्वास्थ्य संकट के वजह से शिंज़ो आबे ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि शिंज़ो आबे काफी समय से पेट से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं। वहीं, 14 सितंबर 2020 को योशिहिदे सुगा को जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी का नया नेता चुना गया था जिसके साथ ही उनका प्रधानमंत्री बनना तय हो गया था।
लंबे समय से मंत्रिमंडल के प्रमुख सचिव योशिहिदे सुगा और शिंज़ो आबे एक दूसरे के करीबी रहे हैं। पिछले महीने जापान के सब से लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे शिंज़ो ने घोषणा की थी कि वह स्वास्थ्य कारणों के वजह से यह पद छोड़ देंगे। फिर दुबारा से जापान के प्रधानमंत्री का आंतरिक मतदान किया गया जिसमें योशिहिदे सुगा को सत्तारूढ़ लिबरल डेमाक्रेटिक पार्टी में 377 वोट हासिल हुए और अन्य दो दावेदारों को 157 वोट प्राप्त हुए।
अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने का किया निश्चय
जापान के प्रधानमंत्री बनने पर योशिहिदे सुगा ने कहा है कि वह आबे की नीतियों को आगे बढ़ाएंगे और उनकी कोरोना वायरस से निपटना और वैश्विक महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने को प्राथमिकता देंगे। वे न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, कृषि सुधारों को बढ़ावा देने और पर्यटन को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करना चाहते हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
जापान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंग्रेज़ी और जापानी भाषा में बधाई दी।
Heartiest congratulations to Excellency Yoshihide Suga on the appointment as Prime Minister of Japan @kantei. I look forward to jointly taking our Special Strategic and Global Partnership to new heights. @sugawitter
— Narendra Modi (@narendramodi) September 16, 2020
प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा के बारे में अपको बता दें कि वह एक एक किसान के पुत्र हैं, उनके पिता स्ट्राबेरी के खेतों में काम करते थे। राजनीतिक सफर की शुरुआत में उन्होंने टोक्यो के होसेई यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन करने के फौरन बाद संसदीय चुनाव अभियान के लिए काम किया। वह लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के एक सांसद के सेक्रेटरी के रूप में काम कर चुके हैं।
साल 1987 में योकोहामा सिटी काउंसिल के लिए उनका चयन हुआ था और वे साल 1996 में पहली बार जापान की संसद के लिए चुने गए। वर्ष 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइज़ुमी द्वारा उन्हें आंतरिक मामलों और संचार विभाग का वरिष्ठ उप मंत्री बनाया था।
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