अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है? यदि इस बात पर विचार करें तो देखेंगे की एक तो ये साल का सबसे बड़ा दिन होता है। इस दिन सूर्य उत्तरायन से दक्षिणायन होने के कारण सुबह जल्दी उदय होकर शाम को देर से अस्त होता है। दूसरा इस दिन से भारतीय मिथकों के आधार पर योग विज्ञान की शुरूआत हुई थी। जिसमें योग की असीम शक्ति को पहचाना गया था।
योग के लाभ
- योग भारतीय मनीषियों की ऐसी देन है जो शरीर मन एवं मस्तिष्क तीनों को स्वस्थ रखता है। शरीर की मान्सपेशियां मज़बूत होने के साथ साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता तीव्र होती है।
रक्तचाप को सामान्य रखने में भी मदद करता है।
- हमारे मस्तिष्क में सेल्स की संख्या बढ़ती हैं । परिणाम स्वरूप याददास्त क्षमता तेज होती है। साथ ही एकाग्रता भी बढ़ती है। इसीलिए योग सभी उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है।
- माना जाता है की प्रत्येक व्यक्ति को एक एक साँस गिन कर मिलती है, ऐसे में योग के दौरान अधिकतर समय साँसों के नियन्त्रण पर विशेष बल दिया जाता है। जिससे साँसों की आयु दीर्घ होती है।
आज के समय में जब वायु,जल, भोजन एवं विचार सबकुछ न्यूनाधिक मात्रा में दूषित हो चुका है, योग इनसे शरीर की रक्षा करता है।
विश्व ने पहचाना योग का महत्व
11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रत्येक वर्ष 21 को जून को अंतर राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में इस दिन योग के कई लाभ भी बताए थे।
21 जून 2015 को भारत की राजधानी स्थित राजपथ में लगभग 35,943 लोगों ने 21 आसनों के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का शुभारंभ किया। अब भारत ही नहीँ पूरे विश्व ने योग की शक्ति को पहचान लिया है। इसीलिए अब देश विदेश के कई विद्यालयों में योग को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है।
