इसमें कोई शक नहीं कि होली का त्यौहार भारत देश के सभी नागरिको के लिए बेहद खास होता है। जी हां इस त्यौहार को वो लोग भी मना सकते है, जो अपनी आँखों से इस दुनिया को नहीं देख पाते। यानि होली के रंगो की महक हर किसी के जीवन में खुशबू भर देती है। मगर क्या आप जानते है कि रंगो से होली खेलने से पहले आखिर क्यों होलिका दहन की रस्म मनाई जाती है। बता दे कि इसके पीछे भी एक दिलचस्प वजह छिपी हुई है। दरअसल पौराणिक कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप अपने ही बेटे प्रह्लाद की हत्या करना चाहता था। यही वजह है कि इस कार्य को अंजाम देने के लिए इस काम में वह अपनी बहन होलिका की भी मदद लेता है।
होली पे 5 ऐसे पारंपरिक व्यंजन जिसे आप घर पर आसानी से बना सकते हैं
आखिर क्यों होलिका दहन..
गौरतलब है कि प्रह्लाद विष्णु भक्त था। वही दूसरी तरफ हिरण्यकश्यप ने भी कड़ी तपस्या करके ब्रह्मा जी से अमर होने का वरदान हासिल कर लिया था। जी हां इसी वरदान के घमंड के चलते हिरण्यकश्यप यह चाहता था कि पूरी दुनिया केवल उसी की पूजा करे। मगर उसका खुद का बेटा ही विष्णु भक्त था और यह हिरण्यकश्यप को गंवारा नहीं था। हालांकि हिरण्यकश्यप ने अपने ही बेटे प्रह्लाद को मारने की बेहद कोशिश की, लेकिन वह हमेशा बचता रहा। ऐसे में हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से कहा कि वह प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठ जाएँ। दरअसल होलिका को आग में न जलने का वरदान मिला हुआ था। जिसके चलते वह प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठ गई। मगर भगवान् की कृपा से बुराई पर अच्छाई की जीत हो ही गई।
होली मानाने के लिए देश की 5 सबसे बेहतरीन जगहें
जी हां इस अग्नि में होलिका का दहन तो हो गया, लेकिन विष्णु भक्त प्रह्लाद बच गया। वैसे इस कथा को पढ़ने के बाद आपको ये तो पता चल ही गया होगा कि आखिर क्यों होलिका दहन का त्यौहार मनाया जाता है, क्यूकि होली की अग्नि हर बुराई का नाश कर देती है।
धर्म और तथ्यों से जुडी ऐसी ही और भी मजेदार और लेटेस्ट न्यूज़ अब केवल Youth Express पर.


