हम सभी देख रहे है कि अभी कुछ दिनों महीनों पहले आई कोरोना महामारी ने सबको हिला कर रख दिया। वहीं, इस बीच अब बर्ड फ्लू का प्रकोप भी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। बर्ड फ्लू यानि एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) के कारण होता है। ये एक प्रकार का वायरल इंफेक्शन है। यह संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले पक्षियों, जानवरों और इंसानों में फैलता है। तो आइयो जानते है कि इस समय हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
इनको रहता है सबसे ज्यादा खतरा
बर्ड फ्लू एक प्रकार का एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो इंसानों को संक्रमित करता है। बर्ड फ्लू प्रवासी जलीय पक्षियों खासतौर से देखे तो यह जंगली बत्तख से प्राकृतिक रूप से फैलता है। यदि कोई संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आए जाए तो वह आसानी से संक्रमित हो जाते हैं। इस वायरस का खतरा सबसे ज्यादा मुर्गीपालन का व्यापार से जुड़े लोगों को रहता है। इसके अलावा बात करे तो संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने पर या अधपका मुर्गा या अंडा खाने वाले लोगों को यह वायरस अपनी चपेट में ले सकता है।
ये होते है लक्षण
बर्ड फ्लू होने पर सांस लेने में परेशानी, कफ, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, पेट दर्द जैसी समस्या देखने को मिल सकती है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके इलाज करना चाहिए।
इस बात का रखे ध्यान
वहीं, बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरी बात यह है कि साफ-सफाई विशेष रूप से ध्यान रखें। हाथों को साफ रखें, हाथों को बार-बार हैंडवास से धोते रहे। अगर घर से बाहर है, तो सैनिटाइजर से अपने हाथों को सैनिटाइज करते रहे।
खास बात
एक बात का ध्यान रखे कि संक्रमित पोल्ट्री फार्म में जाने और वहां काम कर रहे लोगों से दूरी बनाकर रखें। उनके संपर्क में भी आने से बचें। ऐसे लोग जो पोल्ट्री फार्म में काम करते है या काम करने जाते है, उन्हें डिस्पोजेबल ग्लव्स जरूर पहनना चाहिए। साथ ही इसका जब इस्तेमाल हो जाए तब इसे नष्ट कर देना चाहिए। जूतों को डिसइनफेक्ट करते रहें। छींकने या खांसने से पहले मुंह को अच्छे ढांक कर रखे।




