जिंदगी और मौत के इस लड़ाई में जीत जिंदगी की हुई । सना को मौत हराने ही वाली था मगर वह हारी नहीं क्योंकि उसके साथ उसके माता पिता आशीर्वाद और पूरे भारतवर्ष के लोगो की दुआएं थी जो कि उसके जिंदगी के लिए प्रभु के सामने दोनों हाथ जोड़े हुए थे । सना को सुरक्षित बोरवेल से निकालने के लिए एस डी आर एफ और एन डी आर एफ की टीमों ने भी अपनी पूरी जान लगा दी ।
यह घटना मुंगेर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के मुर्गी याचक मोहल्ले का है । मंगलवार के दिन लगभग दोपहर के तीन बजे बजे सना खेलते हुए बोरवेल में गिर गई थी । स्थानीय मोहल्ले और परिजनों द्वारा सना को बाहर निकालने की कोशिश की गई मगर कोई सफलता न मिलने पर अधिकारियों से संपर्क कर एस डी आर एफ , एन डी आर एफ की टीम को बुलाया गया । उसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनो टीमों ने सना को बचा लिया ।
बोरवेल के एक सौ दस फ़ीट निचे गिरी मासूम सना को सांस लेने में तक़लीफ़ हो रही थी । इसके लिए राहत बचाव कार्य ने ऑक्सीजन का सिलिंडर भेजा । सना को बाहर निकालने की कवायद में लगभग 31 घंटे लगे । वहाँ पर उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि सना का पैर पाइप में फास जाने की वज़ह से सना को सुरक्षित निकालने में देर हुआ ।
31 घंटे के अथक प्रयास के बाद जब सना को बाहर निकाला गया तो पूरा क्षेत्र हर हर महादेव के नारों से गूंज उठा । बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर नज़र बनाये हुए थे । एस डी आर एफ और एन डी आर एफ के अधिकारी , एस पी , डी एस पी और अन्य क्षेत्र अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद थे ।
सना को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उसे तुरंत प्रार्थमिक उपचार के लिये मुंगेर जिला अस्पताल भेज दिया गया । जहां पर चिकित्सको ने उसके हालत में स्थिरता बताई ।
घटनास्थल पर मौजूद अधिकारी ने बताया कि जब सना को बाहर निकालने के बाद उसे तुरंत उनका माँ के पास ले जाया गया । सना को भोजन के लिये पानी और चॉकलेट भी दिया गया । उन्होने बताया कि परिजनों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एस डी आर एफ और एन डी आर एफ की टीम का धन्यवाद किया ।