जब एक महिला माँ बनती है, तब न केवल उसके जीवन में बल्कि उसके शरीर में भी कई तरह के बदलाव आते है। जैसे कि जब बच्चा गर्भ में होता है, तब माँ को खुद का ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है, ताकि बच्चे को कोई तकलीफ न हो। बता दे कि गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने काफी नाजुक होते है। ऐसे में जब कोई महिला प्रेग्नैंक्ट होती है, तब उसे शुरुआत के तीन महीनों में काफी सावधानी बरतने की जरूरत पड़ती है। इन सावधानियों का जरूर रखे ध्यान।
गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने होते है नाजुक..
हाइड्रेटेड रहे.. अगर आप नहीं जानते तो हम आपको बता दे कि गर्भावस्था की स्थिति में तरल पदार्थों का सेवन करना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इससे गर्भ में पल रहे शिशु को न केवल ऑक्सीजन बल्कि पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में मिलते है। ऐसी स्थिति में खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी के साथ साथ ताजा रस और स्मूदीज आदि का सेवन करे।
प्रसवपूर्ण विटामिन.. गौरतलब है कि प्रेगनेंसी के दौरान डॉक्टर की सलाह से विटामिन का सेवन जरूर करे। दरअसल प्रेगनेंसी के शुरुआती दौर में विटामिन माँ और बच्चे दोनों के लिए बेहद जरूरी होते है। हालांकि आप जिस भी विटामिन का सेवन करे अपने डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही करे।
खाने का ख्याल रखे.. यहाँ गौर करने वाली बात ये है कि प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में कुछ भी खाना काफी मुश्किल होता है, क्यूकि इन दिनों में उलटी और चक्कर आना काफी आम सी बात है। इसलिए ऐसी स्थिति में आपको ओमेगा 3 फैटी एसिड, कैल्शियम और अन्य विटामिन तथा मिनरल्स को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही किसी भी फल या सब्जी को खाने से पहले उसे अच्छी तरह से धो ले।
स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिले.. बता दे कि जब आपको अपनी प्रेगनेंसी के बारे में पता चले तो सबसे पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर मिले और उन्हें अपनी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में सब कुछ बता दे। वो इसलिए ताकि अगर आपको स्वास्थ्य से संबंधित कोई समस्या हो तो वह समस्या आपकी प्रेगनेंसी में बाधा न बन सके। वैसे भी गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने इतने नाजुक होते है कि इन दिनों में महिला किसी भी तरह की लापरवाही नहीं दिखा सकती।


