गलत खानपान और व्यस्त लाइफ में आज मोटापा, शुगर और बीपी आम समस्या बनती जा रही है। लाख जतन के बाद भी अगर वजन कम नहीं होता है हम गंभीर समस्याओं की ओर बढ़ने लगते हैं। जिससे जीवन में हमें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ जाता है। ऐसे में हमें अपनी डाइट में बदलाव करना चाहिए और संतुलित भोजन को लेना चाहिए।
मोटापे को कम करने के लिए हमें अपनी डाइट में चीया सीड्स को शामिल करना चाहिए। यह बीज पोषक तत्वों से भरपूर होता है और किसी सुपरफूड से कम नहीं है। वजन घटाने से लेकर हड्डियों को मजबूत करने जैसे फायदों के कारण, यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। दरअसल, चिया सीड्स में पाए जाने वाले पोषक तत्व ही इसे खास बनाती है।
चीया सीड्स में एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा के साथ-साथ प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फ़ॉस्फोरस भरपूर मात्रा में पाया जाता है। प्रोटीन और ओमेगा-3 के अलावा ये बीज फाइबर के भी बहुत अच्छे स्रोत हैं। 100 ग्राम चिया सीड्स में लगभग 34.4 ग्राम फाइबर होता है। तो, चलिए जानते हैं पोषक तत्वों का भंडार ये बीज किन समस्याओं में लाभकारी है।
ब्लड शुगर
ब्लड शुगर नियंत्रित करने के लिए चीया सीड्स काफी लाभदायक होते हैं। इसमें मौजूद फाइबर, इंसुलिन रेजिस्टेंस को घटाने और ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। जिससे मेटाबोलिक सिन्ड्रोम और टाइप-2 डायबिटीज जैसी रोगों का खतरा कम होता है।
मोटापा
आज के समय में ज्यादातर लोग मोटापे से जूझ रहे हैं, उन्हें चीया सीड्स का सेवन जरूर करना चाहिए। इसमें मौजूद फाइबर की मात्रा पेट को ज्यादा देर तक भरा हुआ रखती है जिससे भूख कम लगती है। इस तरह चिया सीड्स के नियमित सेवन से वजन कम करना आसान हो जाता है।
मजबूत हड्डियां
हड्डियों की मजबूती के लिए शरीर में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा होना बेहद जरूरी है। चिया सीड्स में कैल्शियम के साथ मैग्नीशियम और फ़ॉस्फोरस भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
कब और कैसे खाएं बीज?
एक्सपर्ट के अनुसार, चिया सीड्स का सेवन सुबह खाली पेट इस्तेमाल करने से ज़्यादा फायदा मिलता है। साथ ही एक दिन में आप एक से दो चम्मच चिया का सेवन कर सकते हैं। इसका सेवन आप पानी में भिगोकर कर सकते हैं। इसके अलावा आप इसे फ्रूट स्मूदी या फ्रूट शेक में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
Note: दी गई उपर्युक्त जानकारी सामान्य उद्देश्य के लिए है इसे किसी पेशेवर की तरह नहीं लेना चाहिए। ऐसी समस्याएं आने पर आपको किसी पेशेवर चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।