भारत में सिक्किम पूर्वोत्तर भाग में स्थित एक पर्वतीय राज्य है। जो बहुत ही सुंदर जगह होने के साथ-साथ घूमने के लिए लिहाज बहुत ही अच्छी जगह है। ये जगह की बात करे तो यह जगह प्राकृतिक सुंदरता और साफ-सुथरा होने के कारण सिक्किम भारत में पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहां दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी कंचनजंघा सिक्किम के उत्तरी पश्चिमी भाग में नेपाल की सीमा पर स्थित है। आपको बता दे कि सिक्किम में कई जगहों से इस पर्वत चोटी को बड़े आराम से इसे देखा जा सकता है। वहीं, इस प्रदेश का एक तिहाई हिस्सा घने जंगलों से घिरा हुआ है। तो ऐसे में आप अगर कहीं घूमने का मन बना रहे है तो आप सिक्किम जा सकते हैं।
धरती का स्वर्ग
अगर आप सिक्किम जा रहे हैं, तो आपको लाचुंग जगह पर जरूर जाना चाहिए। ये जगह गंगटोक से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। यह पहाड़ी गांव 8 हजार 858 फीट की ऊंचाई पर बसी हुई है। यहां आप सुंदर और स्वच्छ झरनों के अलावा बर्फ से ढके पहाड़ों और सेब के बाग भी आपको देखने को मिलेंगे। आपको बता दे कि खूबसूरती की वजह से इस जगह को ‘धरती का स्वर्ग’ भी कहा जाता है।
लाचेन की प्राकृतिक सुंदरता
वहीं, उत्तरी सिक्किम जिले में स्थित लाचेन एक छोटा सा और शांत कस्बा है। जो 2 हजार 750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लाचेन प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीव-जंतुओं की विविधता के कारण पर्यटकों को खूब पसंद आता है। इस जगह पर आने के लिए नवंबर से जून के बीच यहां आने का सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है। क्योंकि इस समय यहां का मौसम सुहावना रहता है।
आर्कषक झील
गुरूडोंग्मार झील सिक्किम के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक मानी जाती है। जो समुद्र तल से 17 हजार 800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह झील गंगटोक से करीब 190 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह हिमालय पर्वत पर स्थित सबसे ऊंचे झीलों में से एक है। इसे सिक्किम की सबसे पवित्र झीलों में एक कहा जाता है।




