कोरोना वायरस महामारी के बाद की ज़िंदगी को आसान बनाने के लिए सरकार सात ऐप्स को लॉन्च करने की तैयारी में हैं। खास बात बता दें कि इन ऐप्स की सर्विस किसान से लेकर आम आदमी तक के लिए होगी। इनको लॉन्च करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सात घंटे से ज़्यादा का समय इन ऐप्स की समीक्षा में दिया है। और इस समीक्षा के दौरान नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और आइटी व इलेक्ट्रॉनिक्स सचिव भी उपस्थित थे।
इन सात ऐप्स की खास बात है कि इनमें केवाईसी सेतु, काशी, उन्नति, स्वस्थ, यूलिप, कृषिनीव एवं समशिक्षा जैसे सॉल्यूशन शामिल हैं।
केवाईसी सेतु व काशी से जुड़ी खास बातों पर एक नज़र
बिना दस्तावेज़ दिखाए केवाईसी की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल मोड देने के लिए केवाईसी सेतु लाया जा रहा है। मंगलवार को नीति आयोग द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार अगर आपको इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदनी हो तो उन सभी दस्तावेज को फिर से प्रस्तुत करना होता है जो पहले से आपके बैंक के पास हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं करना होगा। आपके केवाईसी को डिजिटल तरीके से बिना किसी बाधा के साझा करने के लिए केवाईसी सेतु शुरू किया जा रहा है।
हालांकि, काशी ( कैश ओवर इंटरनेट) को शुरू करने के बारे में फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। नीति आयोग के अनुसार काशी की सहायता से बिना कोई दस्तावेज दिखाए बिना किसी झंझट के किसान व मज़दूरों को पांच मिनट में कर्ज़ प्राप्त हो जाएगा। अच्छी बात यह भी है कि इसमें किसी दलाल या एजेंट की भी दखलंदाज़ी नहीं होगी।
नीति आयोग के ट्वीट के अनुसार पीएम ने केवाईसी सेतु व काशी ऐप्स को लेकर कहा है कि, ‘इन दोनों प्रोडक्ट को देश के स्ट्रीट वेंडर को सक्षम बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत है। अगर हम इन स्ट्रीट वेंडर को पारंपरिक कर्ज से मुक्ति दिलाने में कामयाब हो गए तो कल्पना कीजिए कि कितने लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ जाएंगे।’ उन्नति एप पर 20 करोड़ श्रमिकों के जीवनयापन के लिए कामकाज की जानकारी होगी जिसके माध्यम से उन्हें काम मिल सकेगा।
यह ऐप आपके स्वास्थ्य का रहेगा सच्चा साथी
अपको बता दें कि स्वस्थ ऐप के माध्यम से अपको आसानी से इलाज से लेकर दवा उपलब्ध कराने की सुविधा प्राप्त कराई जाएगी। वहीं, यूलिप सॉल्यूशन देश की सप्लाई चेन को पूरी तरह से डिजिटल करने में सहायक बनेगा और कृषिनीव कृषि क्षेत्र में किसानों को डिजिटल मदद देगा।
पढ़ाई लिखाई को वर्चुअल मोड पर बढ़ाने के लक्ष्य से समशिक्षा ऐप को तैयार किया गया है। नीति आयोग के अनुसार इन ऐप पर आपका डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा और किसी अन्य व्यक्ति के लिए डेटा उपलब्ध नहीं होगा। इन ऐप्स से जुड़ी एक और खास बात यह है कि इन ऐप्स की सेवाएं अपको अंग्रेज़ी, हिंदी और अन्य भाषाओं में प्राप्त होगी। इन्हें नीति आयोग की अगुआई में निजी-सार्वजनिक सहभागिता के तहत विकसित किया गया है।
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