तल्खी के दौर से गुजर रहे भारत पाकिस्तान के रिश्ते के बीच पाकिस्तान के पहलवानों को भारत में खेलने की अनुमति मिल गई है। यह मामला खाश इसलिए है क्योंकि पाकिस्तानी पहलवानों को यह मौका 29 सालो के बाद मिला है। जी हां मौका है एशिया कुश्ती चैम्पियनशिप का।
पाकिस्तान के 6 पहलवानों को मिला है वीजा
जी हां आपको बता दें कि इस वर्ष भारत में एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप का आयोजन किया जाना है। जिसके लिए खिलाडियों को वीजा मौजूदा समय में मंजूर किया जा रहा है। इसी क्रम में 6 पाकिस्तानी खिलाड़ियों का भी वीजा भारत सरकार ने प्रदान किया है। मतलब साफ है कि 29 वर्षों के लंबे अरसे के बाद पाकिस्तानी पहलवान भारतीय सरजमीं पर खेलते हुए नजर आएंगे।
क्या कहा भारतीय कुश्ती महासंघ ने
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआइ) के एक सूत्र ने कहा कि पाकिस्तान के साथ हमारे देश के रिश्ते अच्छे नहीं है, लेकिन ओलंपिक चार्टर को निभाने के लिए सरकार को वीजा देना पड़ा है। इन पहलवानों के मैच चैंपियनशिप में 21 फरवरी को होंगे और यह दल 20 फरवरी को भारत आ जाएगा लेकिन अब उनके भेजने या नहीं भेजने का फैसला पाकिस्तान को करना है। इससे पहले भारत के कबड्डी खिलाड़ी भी पाकिस्तान पहुंच गए थे, जिस पर काफी विवाद हुआ।
चीनी पहलवानों को अभी नहीं मिला वीजा
पिछली बार पाकिस्तान इस चैंपियनशिप में दिल्ली में 1991 में खेला था। तब वह एक रजत पदक के साथ सबसे नीचे नौवें स्थान पर रहा था। हालांकि कुश्ती की विश्व संस्था यूडब्ल्यूडब्ल्यू और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) का डब्ल्यूएफआइ पर चीनी पहलवानों को वीजा देने का दबाव बना हुआ है और अगर उसने ऐसा नहीं किया तो उस पर प्रतिबंध भी लग सकता है।
कोरॉना वायरस के वजह से बना हुआ है संसय
आपको बता दें कि वर्तमान समय में पूरे चाइना में कॉरॉना वायरस का संक्रमण फैला हुआ है। पूरा चीन इस ख़तरनाक वायरस से जूझ रहा है। इसके खतरे को देखते हुए और भारत को इस वायरस के प्रकोप की आशंका के मद्देनजर अभी तक चीनी खिलाडियों को वीजा प्रदान नहीं किया गया है।
18 फरवरी से है चीन का मैच
चीनी पहलवानों के मैच 18 फरवरी से ही शुरू हो जाएंगे और कोरोना वायरस के कारण उनके वीजा पर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। वहीं, सूत्र ने भी बताया कि डब्ल्यूएफआइ ने अभी तक दूसरे देशों को चीनी पहलवानों के आने की स्थिति साफ नहीं की जिसके कारण तुर्कमेनिस्तान ने चैंपियनशिप से हटने का फैसला ले लिया। कोरोना वायरस के चलते चीनी खिलाड़ियों को भारत का वीजा मिलने में परेशानी होगी। इसके अलावा कुछ और एशियाई खिलाड़ी भी कोरोना वायरस के चलते भारत नहीं आएंगे।
