कोरोना महामारी ने हमारे जीवन में बहुत कुछ बदल दिया हैं। कमाई, पढ़ाई, खरीददारी जैसे हर काम अब ऑनलाइन ही अंजाम दिए जा रहे हैं। इस समय हर काम के करने का तरीका बदलता जा रहा है। ज़ाहिर है ऑनलाइन फ्रॉड का तरीका भी बदलेगा। प्रतिदिन ऑनलाइन अपराध में वृद्धि दर्ज हो रही है। रेंज साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर शैलेश सिंह के अनुसार लगातार बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए सरकार ने भी कुछ सुझाव दिए हैं। यदि इन सुझावों को आम लोग समझ लें तो खुद को साइबर अपराधियों का शिकार बनने से बचा सकते हैं।
आइए जानते हैं इन विशेष सुझावों को
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे कि उम्र, फोन नंबर, पता आदि को सार्वजनिक तौर पर बताने से बचें। लॉग-इन करने के बाद अपने एकाउंट को ऐसे ही छोड़ देना सही नहीं। काम ख़त्म हो चुका तो अपने अकाउंट को लॉग-आउट कर देना चाहिए। अपने पासवर्ड को बताने से भी बचें।
- अपनी पर्सनल डिवाइस जैसे कि यूएसबी और हार्ड-ड्राइव को पब्लिक कंप्यूटर पर प्रयोग नहीं करना चाहिए।
- फाइल एक्सटेंशन जैसे कि .bat, .cmd, .exe, .pif को फिल्टरिंग सॉफ्टवेयर से ज़रूर ब्लॉक करें।
- किसी विश्वसनीय स्रोत से सत्यापन के बिना फॉरवर्ड करने से बचें।
- किसी सोशल नेटवर्किंग साइट पर फेक प्रोफाइल बनाना भी गलत है। साथ ही अपने किसी जानकार या दोस्त की पर्सनल जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर न करें, इससे व जोखिम में पड़ सकता है।
- मज़बूत पासवर्ड बनाएं और समय समय पर बदलते रहें।
सोशल नेटवर्किंग साइट्स की प्राइवेसी पॉलिसी ध्यान से पढ़ लेना चाहिए। - सिर्फ वेरीफाइड ओपन सोर्स या लाइसेंस्ड सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें।
- अपने कंप्यूटर में ऑटोमेटिक एंटीवायरस सॉफ्टवेयर या ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट करते रहना चाहिए।
अपको बता दें कि अब हैकर्स ई-मेल आईडी ncov2019@gov.in द्वारा लोगों को मुफ्त में कोरोना टेस्ट कराने के नाम पर उनकी पर्सनल और बैंकिंग जानकारी हासिल कर रहे हैं। इस कारण उपर्युक्त आईडी द्वारा भेजे गए मेल्स पर कतई क्लिक न करें।
साथ ही अगर किसी अनजान नंबर से वॉट्सएप पर वीडियो कॉल आती है तो सावधान रहें। क्या पता फोन करने वाला अपको ठग ले। ऐसे में वह अपने नंबर को ब्लॉक भी कर सकता है। साथ ही आपकी पर्सनल डिटेल्स के साथ छेड़ छाड़ भी कर सकता है।
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