ये तो सब जानते है कि इस बार रक्षाबंधन का त्यौहार पंद्रह अगस्त यानि आजादी वाले दिन ही मनाया जाएगा। ऐसे में इस त्यौहार को लेकर हर कोई बेहद उत्साहित है। मगर उत्साह उत्साह में हमें इस बात का ध्यान भी जरूर रखना चाहिए, कि राखी कभी राहुकाल में न बांधे। जी हां रक्षाबंधन पर भूल कर भी राहुकाल को नजरंअदाज करने की गलती न करे। यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो अगर राखी सही मुहूर्त और सही समय पर बाँध दी जाएँ तो इससे सब शुभ और मंगल ही होता है। गौरतलब है कि रक्षाबंधन के दिन राहुकाल दोपहर डेढ़ बजे से शुरू हो कर तीन बजे तक रहेगा। इसका मतलब ये है कि आप राहुकाल के समय को छोड़ कर कभी भी राखी का त्यौहार मना सकते है और कभी भी अपने भाई को राखी बाँध सकते है।
रक्षाबंधन पर भूल कर..
हालांकि राखी बाँधने का सबसे सही समय सुबह का ही होता है। मगर फिर भी जो लोग त्यौहार के दिन व्यस्त रहते है और उन्हें परिवार के साथ समय बिताने का मौका नहीं मिलता, वह राहुकाल का समय निकल जाने के बाद भी राखी बाँध सकते है। वो कहते है न कि किसी भी त्यौहार को मनाने के लिए केवल इंसान की भावनाएं अच्छी होनी चाहिए। तो ऐसे में आप दोपहर तीन बजे के बाद भी राखी बाँध सकते है।
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वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस बार पूरे उन्नीस साल बाद यह संयोग दोबारा बना है, जब पंद्रह अगस्त के दिन ही रक्षाबंधन का त्यौहार आया है। इससे पहले साल दो हजार में यह संयोग बना था। फ़िलहाल तो इस बार रक्षाबंधन पर भूल कर भी राहुकाल को नजर अंदाज न करे और सभी त्यौहारों का खुल कर मजा ले।


