इस दुनिया में तरह तरह के जीव जंतु पाएं जाते है। जैसे अलग अलग प्रजातियों के सांप, हाथी और मछलियां आदि जीव पाए जाते है। ऐसे में अगर हम मछलियों की बात करे तो मछलियां आमतौर पर पानी में रह कर ही जिन्दा रह सकती है। मगर कुछ मछलियां ऐसी भी होती है, जो ठंड में पिघलने लगती है। आज हम इन्हीं मछलियों के बारे में आपको विस्तार से बताना चाहते है। यक़ीनन इन मछलियों के बारे में जान कर आप भी दंग रह जायेंगे। गौरतलब है कि इन मछलियों की तीन प्रजातियां हाल ही में पाई गई है। दरअसल मछली की इस प्रजाति को स्नेलफिश का नाम दिया गया है। जो पानी के आठ किलोमीटर नीचे मिलती है।
ठंड में पिघलने लगती है ये मछलियां..
केवल इतना ही नहीं इसके इलावा इस मछली को जादू मछली भी कहा जाता है। इसका मतलब ये है कि ये मछली सच में बेहद खास प्रजाति की होती है। वो इसलिए क्यूकि यह पानी की सतह पर आते ही पिघलने लगती है। अब जाहिर सी बात है कि जो मछली पानी की सतह पर आते ही पिघलने लगे, उसमें कुछ न कुछ तो खास बात जरूर होगी। वही अगर हम इन मछलियों की प्राप्ति के बारे में बात करे तो यह ज्यादातर प्रशांत महासागर में पाई जाती है। इन मछलियों के बारे में वैज्ञानिको का कहना है कि ये काफी कमजोर होती है और इनका आकार जेली की तरह होता है। यहाँ तक कि इनका रंग भी काफी अजीब तरह का होता है।
गौरतलब है कि यह मछलियां सबसे पहले आटाकामा गर्त में एक साहसिक यात्रा के दौरान मिली थी। इन्हें पेरू और चिली के तट से एक सौ साठ किलोमीटर दूर महासागर की तलहटी में देखा गया था। जी हां करीब साढ़े सात हजार मीटर नीचे जाने के बाद यह पाई गई थी। मगर सतह तक पहुँचते पहुँचते यह पिघल गई थी। यानि यह मछली ठंड में पिघलने लगती है और एक बार अगर यह पानी की सतह पर आ जाएँ तो इसे पिघलने से कोई नहीं रोक सकता।


