नासा (The National Aeronautics and Space Administration) का सॅटॅलाइट मंगल ग्रह की यात्रा के लिए तैयार है| इस सॅटॅलाइट के नासा मंगल हेलीकॉप्टर (Mars Helicopter) के नाम से पुकार रही है | नासा के मंगल हेलीकॉप्टर ने कई परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं और अब मंगल ग्रह की उड़ान के लिए तैयार है।
अमेरिका के अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में कैलिफोर्निया के पासादेना स्थित नासा के जेट प्रणोदन प्रयोगशाला में मंगल हेलीकॉप्टर के परियोजना प्रबंधक मिमी आंग ने कहा की , “अगली बार हम उड़ान भरेंगे, मंगल पर उड़ान भरेंगे।”
यह मंगल हेलीकॉप्टर ‘मार्स 2020 रोवर’ (Mars 2020 Rover) के साथ एक युनाइटेड लॉन्च अलायंस Atlas V रॉकेट के जरिए जुलाई 2020 में फ्लोरिडा के केप कैनावरल एयर फोर्स स्टेशन के स्पेस लांच कॉम्प्लेक्स 41 के एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक के रूप में लांच किया जाएगा। सम्भावना है की यह मंगल ग्रह पर फरवरी 2021 में पहुंचेगा|
वहीं इससे पहले भारत ने अंतरिक्ष में ‘मिशन शक्ति’ के तहत एंटी सैटेलाइट ( A -SAT ) मिसाइल से एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया | जिसके कारण भारत चौथा ऐसा देश है जो अंतरिक्ष में महाशक्ति हासिल किया है जिस कारण भारत अपना नाम ‘अंतरिक्ष महाशक्ति’ के तौर पर दर्ज कराया था| और ऐसी क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया। अब तक यह क्षमता अमेरिका, रूस और चीन के ही पास थी। इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने जो नई क्षमता हासिल की है, यह किसी के विरूद्ध नहीं है बल्कि तेज गति से बढ़ रहे हिन्दुस्तान की रक्षात्मक पहल है। उन्होंने वैज्ञानिकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनकी सराहना भी की थी । प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इससे किसी अंतरराष्ट्रीय कानून या संधि का उल्लंघन नहीं किया गया है।
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