इस समय पूरे देश में गणेश उत्सव की धूम चारों तरफ मची हुई है। जहां जगह-जगह गणेश जी की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। इस दौरान कोई एक दिन, कोई 3 दिन, कोई 5 दिन और कोई पूरे 11 दिन तक गणपति जी को अपने घर या पंडालों में लोग लाते है। बता दें कि कई लोग गणपति बप्पा का विसर्जन नदी, झील, तालाब आदि जगह पर करते हैं लेकिन पर्यावरण के लिहाज से ध्यान में रखते हुए आजकल लोगों को घर पर गणपति विसर्जन करने की सलाह दी जाती है।
खास बात
जिससे क्या होता है कि पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता है। अगर आप भी घर पर गणपति बप्पा का विसर्जन करना चाहते हैं। तो आइये जानते है कि कैसे आप मूर्ति का विसर्जन घर पर कर सकते है।
सभी परिवार होते है इकठ्ठा
जैसा कि हम सभी जानते है कि हर घर में परंपरा के आधार पर डेढ़ दिन या तीसरे, पांचवें, सातवें, नौवें या ग्यारहवें दिन गणेश विसर्जन किया जाता है। जहां गणेश विसर्जन के दिन, परिवार मूर्ति के सामने इकट्ठा होता है और फूल, दीयों, अगरबत्ती, मोदक, लड्डू और अन्य खाने के साथ अंतिम पूजा करता है। आरती और हवन करने के बाद पूरे विधि-विधान के साथ गणपति का विसर्जन किया जाता है।
ये है नियम
वहीं, गणपति विसर्जन करने के लिए सबसे पहले आप किसी स्वच्छ और बड़े बर्तन में पानी भरें। आप इसमें इतना पानी ले जिसमें बप्पा की प्रतिमा पूरी तरह से डूब जाए। अब इस पानी को शुद्ध करने के लिए आपस में थोड़ा सा गंगाजल डाल दें। पानी में गणेश जी की प्रतिमा पूरी तरह से घुल जाए इसके लिए आप पानी में अमोनिया में बाइकार्बोनेट डाल सकते हैं। इससे मिट्टी की प्रतिमा जल्दी घुल जाती है।
करें पूजा अर्चना
फिर इसके बाद गणपति विसर्जन से पहले आप गणपति की पूजा अर्चना करें। उन्हें 56 भोग अर्पित करें और आरती हवन के बाद इसमें इस्तेमाल हुई चीजों को एक पोटली में बांध दें और इसे गणेश जी की प्रतिमा के साथ ही विसर्जित करें और बाद में इस पोटली को आप किसी पेड़ पौधे के पास डाल सकते हैं।
मांगे क्षमा याचना
दरअसल, अब गणेश जी की प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए जहां उनकी मूर्ति स्थापित की है, वहां से उन्हें जयकारे लगाते हुए उठाएं और जिस बाल्टी या कंटेनर में आपको उन्हें विसर्जित करना है उसमें धीरे से उनकी प्रतिमा को डालें। इसे एकदम से नहीं छोड़े नहीं तो यह टूट सकती है। फिर गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन करने के दौरान आप उनके जयकारे और मंत्रों का जाप करते रहें और प्रतिमा विसर्जित करने के बाद 2 से 3 घंटे तक इसे पानी में ही रहने दें। इससे यह पूरी तरह से घुल जाती है। वहीं, विसर्जन के बाद भगवान जी से माफी या क्षमा मांगे कि जो भी पूजा अर्चना में गड़बड़ी हुई हो उसे प्रभु माफ करिये और सदैव कृपा बनाएं रखिये।