हमारे शरीर को स्वस्थ और सुचारू रूप से कार्य करने के लिए कई जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है और आयोडीन इनमें से एक जरूरी खनिज है। यह खनिज हमारे शरीर में थायरॉयड ग्रंथि के सही ढंग से काम करने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे शरीर में हार्मोनल संतुलन बना रहता है। शरीर में आयोडीन की कमी होने से हम कई तरह की परेशानियों का सामना करते हैं। कई बार यह समस्याएं गंभीर हो जाती है और मौत का कारण बनती है।
आयोडीन की कमी से आने वाली परेशानियां…
गर्दन में सूजन
आयोडीन की कमी से थायरॉयड ग्रंथि अधिक काम करने लगती है, जिससे गर्दन के आगे हिस्से में सूजन आ जाती है। इसे गलगंड या गॉइटर कहा जाता है। यह सूजन कभी-कभी इतनी बढ़ जाती है कि निगलने और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।
थायरॉयड हार्मोन की कमी
जब शरीर में पर्याप्त आयोडीन की मात्रा नहीं होती है, तो थायरॉयड ग्रंथि सही मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती, जिससे हाइपोथायरायडिज्म हो सकता है।
शरीर में थकान और कमजोरी रहने लगती है।
शरीर का अचान से वजन बढ़ने लगता है।
शरीर ठंड सहन न कर पाता है।
ड्राई स्किन और बालों का झड़ना शुरू हो जाता है।
प्रजनन क्षमता पर असर
आयोडीन की कमी से पुरुषों और महिलाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है। गर्भवती महिलाओं में इसकी कमी से गर्भपात, जन्म दोष और बच्चों का कम वजन हो सकता है।
इन चीजों से हो जाती है आयोडीन की पूर्ति…
आयोडीन युक्त नमक
बाजार में मिलने वाला आयोडीन युक्त नमक सबसे आसान और इफेक्टिव सोर्स है। रोजाना खाने में इसका इस्तेमाल करें, लेकिन अधिक मात्रा में नमक खाना भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए संतुलन बनाए रखें।
डेयरी उत्पाद
दूध, दही, पनीर और चीज में अच्छी मात्रा में आयोडीन पाया जाता है। रोजाना एक गिलास दूध और दही खाने से आयोडीन की कमी को रोका जा सकता है।
हरी सब्जियां और फल
हरी सब्जियां पालक, ब्रोकली, बीन्स और आलू में आयोडीन की कुछ मात्रा होती है। केला, स्ट्रॉबेरी और क्रैनबेरी भी आयोडीन का अच्छा स्रोत हैं।
Note: दी गई निम्नलिखित जानकारी सामान्य उद्देश्य के लिए है। इसे किसी पेशेवर चिकित्सक की तरह नहीं लेना चाहिए। ऐसी समस्याएं आने पर किसी चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।