अगर हम नब्बे के दशक की बेहतरीन फिल्मों की बात करे तो उनमें राजा हिंदुस्तानी फिल्म का नाम जरूर शामिल होगा। बता दे कि इस फिल्म को दर्शकों का खूब प्यार मिला था। यहाँ तक कि अपने जमाने की यह सुपरहिट फिल्म थी। वैसे आपको इस फिल्म के किरदार तो याद ही होंगे और परदेसी परदेसी गाना भी जरूर याद ही होगा। गौरतलब है कि राजा हिंदुस्तानी फिल्म में इस गाने के दौरान दो बंजरानो को भी दिखाया गया था। जिनमे से एक बंजारन ने खूब शराब पी रखी थी। दरअसल आज हम उसी बंजारन से आपको रूबरू करवाना चाहते है।
राजा हिंदुस्तानी फिल्म में बंजारन का रोल करने वाली एक्ट्रेस अब दिखती है ऐसी..
जी हां इस एक्ट्रेस का रियल नाम कल्पना इयर है। जिन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों में नेगेटिव किरदार निभाया है। यहाँ हैरानी की बात तो ये है कि कल्पना इयर का चेहरा ही ऐसा था कि उन्हें कोई पॉजिटिव किरदार में देखना ही नहीं चाहता था। हालांकि अब उनका चेहरा काफी बदल चुका है। अब जाहिर सी बात है कि इतने सालों बाद किसी का भी लुक चेंज हो जाएगा। बता दे कि अब उनका चेहरा और लुक इतना बदल चुका है कि उन्हें पहचान पाना भी काफी मुश्किल है। हालांकि इस उम्र में आ कर भी वह काफी खूबसूरत लगती है। बहरहाल ये तो आपको खुद उनकी तस्वीरें देखने के बाद पता चल ही जाएगा।
फ़िलहाल कल्पना इयर बॉलीवुड और फ़िल्मी दुनिया से दूर है। यानि अब वह अपने परिवार के साथ ही रहती है और काफी खुश है। इसके इलावा कल्पना इयर पहले से थोड़ी मोटी भी हो चुकी है। इसलिए उन्हें देख कर फिल्मों में काम करने वाली कल्पना इयर को इमेजिन करना थोड़ा मुश्किल है। यही वजह है कि राजा हिंदुस्तानी फिल्म में काम करने वाली इस एक्ट्रेस की कुछ चुनिंदा तस्वीरें हम आपके लिए लाएं है। दोस्तों इस एक्ट्रेस के अभिनय के बारे में आपकी क्या राय है, ये हमें जरूर बताईयेगा।
राजा हिंदुस्तानी फिल्म में शराब पी कर बंजारन का रोल करने वाली यह एक्ट्रेस अब दिखती है ऐसी Youth Express
Description
अगर हम नब्बे के दशक की बेहतरीन फिल्मों की बात करे तो उनमें राजा हिंदुस्तानी फिल्म का नाम जरूर शामिल होगा। बता दे कि इस फिल्म को दर्शकों का खूब प्यार मिला था। यहाँ तक कि अपने जमाने की यह सुपरहिट फिल्म थी। वैसे आपको इस फिल्म के किरदार तो याद ही होंगे और परदेसी परदेसी गाना भी जरूर याद ही होगा। गौरतलब है कि राजा हिंदुस्तानी फिल्म में इस गाने के दौरान दो बंजरानो को भी दिखाया गया था। जिनमे से एक बंजारन ने खूब शराब पी रखी थी। दरअसल आज हम उसी बंजारन से आपको रूबरू करवाना चाहते है।
कहते है शब्दों को नाप तोल कर बोलने का काम जरा मुश्किल होता है, लेकिन हम तो वो है जो शब्दों को केवल नाप तोल कर ही नहीं बल्कि हर शब्द को हया की शुखियों में लपेट कर फूलो की तरह तरह चुन चुन कर लिखते है। यही हमारी पहचान भी है और यही हमारा हुनर भी..