हमारे हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे का काफी महत्व है। जी हां धार्मिक शास्त्रों के अनुसार तुलसी को देवी की तरह पूजा जाता है। इसे हर रोज जल चढ़ाया जाता है। इसके इलावा तुलसी का पत्ता खाने से कई तरह की बीमारियों का भी विनाश होता है। हालांकि अगर तुलसी के पौधे का ठीक से ध्यान न रखा जाएँ तो वह सूख जाता है। बता दे कि अगर तुलसी का पौधा सूख जाएँ तो आपको उसे घर में नहीं रखना चाहिए। वो इसलिए क्यूकि सूखा हुआ तुलसी का पौधा घर में रखना काफी अशुभ माना जाता है। इससे घर में दरिद्रता का वास होता है। सबसे पहले तो आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घर में रखे तुलसी के पौधे को कभी भी सूखने न दे। यदि ध्यान रखने के बावजूद भी यह सूख जाएँ तो इसका विसर्जन कर देना ही बेहतर होता है।
तुलसी का पौधा सूख जाएँ तो ऐसे करे प्रवाहित..
1. आप चाहे तो इसे किसी पवित्र नदी में भी विसर्जित कर सकते है। इसके इलावा किसी तालाब या कुँए में भी इसको प्रवाहित कर सकते है।
2. इसको प्रवाहित करते समय इस बात का ध्यान जरूर रखे कि गंदगी वाली जगह पर प्रवाहित न करे। भले ही पौधा सूख गया हो, लेकिन इससे इसकी पवित्रता कम नहीं होती। इसलिए तुलसी के पौधे को प्रवाहित करते समय इन सब बातों की तरफ गौर जरूर करे।
अब ये तो सब को मालूम ही है कि तुलसी भगवान् विष्णु को कितनी प्रिय है। यानि अगर आप किसी भी तरह से तुलसी के पौधे का निरादर करेंगे तो एक तरफ से आप भगवान् विष्णु को ही नाराज करेंगे। बता दे कि भगवान् विष्णु के लिए तुलसी का बेहद महत्व है। यूँ तो बेवजह तुलसी के पत्तों को तोडना भी सही नहीं समझा जाता, लेकिन यदि किसी वजह से इसके पत्ते तोड़े जाएँ तो वह भी दिन, समय और जरूरत देख कर तोड़ने चाहिए। गौरतलब है कि बिना वजह तुलसी के पत्ते तोडना भी पाप माना जाता है। तो इन बातों के महत्व को समझिये और तुलसी का आदर कीजिये।


